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  • सहारनपुर। बहन-भाई के प्यार के अटूट प्रेम का त्योहार रक्षाबंधन पर बहन ने भाई की कलाई पर राखी बांधकर रक्षाबंधन के इस पावन पर्व को सार्थक किया। भाई ने भी बहन की सुरक्षा करने का संकल्प लिया। वहीं शालिनी वर्मा ने अपने बड़े भाई की लंबी उम्र की कामना करते हुए अपनी किडनी देकर नया जीवन दिया। सहारनपुर के शिवविहार निवासी अमित वर्मा भाजपा नेता हैं। अमित वर्मा की तीन बहनें है और तीनों की ही शादी हो चुकी है। करीब तीन साल पहले अमित वर्मा की तबीयत खराब रहने लगी। पहले तो उन्होंने सहारनपुर में ही उपचार कराया, लेकिन उन्हें हाईब्लड प्रेशर की समस्या रहने लगी। करीब दो साल तक सहारनपुर में अलग-अलग उपचार कराने के बाद अमित देहरादून स्थित हायर सेंटर में उपचार के लिए पहुंचे। जहां उन्हें किडनी की बीमारी की जानकारी हुई। इसके बाद अमित ने गुरुग्राम के एक हॉस्पिटल में संपर्क किया। जहां पर चिकित्सकों ने किडनी ट्रांसप्लांट करने की बात कही। पहले तो वह काफी डर गए, लेकिन जब उन्होंने परिवार में इस बारे में बात हुई तो उनकी दो छोटी बहन अंजली और शालिनी ने भाई को किड़नी देने का फैसला किया। इसके बाद दोनों की जांच हुई तो शालिनी वर्मा की किडनी को ट्रांसप्लांट करना तय हुआ। बहन ने एक मिनट भी नहीं लगाया और भाई के लिए अपनी एक किडनी दान कर दी। मार्च माह में अमित वर्मा की किडनी ट्रांसप्लांट हुई। अब वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं। रक्षाबंधन पर बहनों ने उनके घर पर पहुंचकर राखी बांधी और भाई की लंबी उम्र की कामना की। वहीं अमित वर्मा का कहना है कि उनका दूसरा जीवन है और यह उनकी दोनों बहनों की वजह से है। वह भाग्यशाली हैं कि उन्हें ऐसी बहनें मिली हैं। जो उनके लिए भगवान बनकर आई।

सहारनपुर। बहन-भाई के प्यार के अटूट प्रेम का त्योहार रक्षाबंधन पर बहन ने भाई की कलाई पर राखी बांधकर रक्षाबंधन के इस पावन पर्व को सार्थक किया। भाई ने भी बहन की सुरक्षा करने का संकल्प लिया। वहीं शालिनी वर्मा ने अपने बड़े भाई की लंबी उम्र की कामना करते हुए अपनी किडनी देकर नया जीवन दिया। सहारनपुर के शिवविहार निवासी अमित वर्मा भाजपा नेता हैं। अमित वर्मा की तीन बहनें है और तीनों की ही शादी हो चुकी है। करीब तीन साल पहले अमित वर्मा की तबीयत खराब रहने लगी। पहले तो उन्होंने सहारनपुर में ही उपचार कराया, लेकिन उन्हें हाईब्लड प्रेशर की समस्या रहने लगी। करीब दो साल तक सहारनपुर में अलग-अलग उपचार कराने के बाद अमित देहरादून स्थित हायर सेंटर में उपचार के लिए पहुंचे। जहां उन्हें किडनी की बीमारी की जानकारी हुई। इसके बाद अमित ने गुरुग्राम के एक हॉस्पिटल में संपर्क किया। जहां पर चिकित्सकों ने किडनी ट्रांसप्लांट करने की बात कही। पहले तो वह काफी डर गए, लेकिन जब उन्होंने परिवार में इस बारे में बात हुई तो उनकी दो छोटी बहन अंजली और शालिनी ने भाई को किड़नी देने का फैसला किया। इसके बाद दोनों की जांच हुई तो शालिनी वर्मा की किडनी को ट्रांसप्लांट करना तय हुआ। बहन ने एक मिनट भी नहीं लगाया और भाई के लिए अपनी एक किडनी दान कर दी। मार्च माह में अमित वर्मा की किडनी ट्रांसप्लांट हुई। अब वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं। रक्षाबंधन पर बहनों ने उनके घर पर पहुंचकर राखी बांधी और भाई की लंबी उम्र की कामना की। वहीं अमित वर्मा का कहना है कि उनका दूसरा जीवन है और यह उनकी दोनों बहनों की वजह से है। वह भाग्यशाली हैं कि उन्हें ऐसी बहनें मिली हैं। जो उनके लिए भगवान बनकर आई।

सहारनपुर। बहन-भाई के प्यार के अटूट प्रेम का त्योहार रक्षाबंधन पर बहन ने भाई की कलाई पर राखी बांधकर रक्षाबंधन के इस पावन पर्व को सार्थक किया।
भाई ने भी बहन की सुरक्षा करने का संकल्प लिया। वहीं शालिनी वर्मा ने अपने बड़े भाई की लंबी उम्र की कामना करते हुए अपनी किडनी देकर नया जीवन दिया।
सहारनपुर के शिवविहार निवासी अमित वर्मा भाजपा नेता हैं। अमित वर्मा की तीन बहनें है और तीनों की ही शादी हो चुकी है। करीब तीन साल पहले अमित वर्मा की तबीयत खराब रहने लगी। पहले तो उन्होंने सहारनपुर में ही उपचार कराया, लेकिन उन्हें हाईब्लड प्रेशर की समस्या रहने लगी। करीब दो साल तक सहारनपुर में अलग-अलग उपचार कराने के बाद अमित देहरादून स्थित हायर सेंटर में उपचार के लिए पहुंचे। जहां उन्हें किडनी की बीमारी की जानकारी हुई। इसके बाद अमित ने गुरुग्राम के एक हॉस्पिटल में संपर्क किया। जहां पर चिकित्सकों ने किडनी ट्रांसप्लांट करने की बात कही।
पहले तो वह काफी डर गए, लेकिन जब उन्होंने परिवार में इस बारे में बात हुई तो उनकी दो छोटी बहन अंजली और शालिनी ने भाई को किड़नी देने का फैसला किया। इसके बाद दोनों की जांच हुई तो शालिनी वर्मा की किडनी को ट्रांसप्लांट करना तय हुआ। बहन ने एक मिनट भी नहीं लगाया और भाई के लिए अपनी एक किडनी दान कर दी। मार्च माह में अमित वर्मा की किडनी ट्रांसप्लांट हुई। अब वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं। रक्षाबंधन पर बहनों ने उनके घर पर पहुंचकर राखी बांधी और भाई की लंबी उम्र की कामना की। वहीं अमित वर्मा का कहना है कि उनका दूसरा जीवन है और यह उनकी दोनों बहनों की वजह से है। वह भाग्यशाली हैं कि उन्हें ऐसी बहनें मिली हैं। जो उनके लिए भगवान बनकर आई।

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