September 14, 2026
Breaking News
  • Home
  • उत्तराखण्ड
  • मृतक पति का खाता बंद कराने पहुंची थी महिला, 2 लाख का चेक लेकर वापिस लौटी, छलक आयें आँसू…

मृतक पति का खाता बंद कराने पहुंची थी महिला, 2 लाख का चेक लेकर वापिस लौटी, छलक आयें आँसू…

By on November 5, 2022 0 214 Views

पिथौरागढ़ : पांच माह पूर्व मृतक पति का खाता बंद कराने आई गरीब विधवा प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा (Pradhan Mantri Jeevan Jyoti Bima Yojana – PMJJBY) का दो लाख रुपये का चेक लेकर घर लौटी। पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना का चेक मिलने पर विधवा भावुक हो उठी।

पांच महीने पहले हुआ था पति का निधन

मुनस्यारी तहसील के रांथी गांव निवासी बलराम का जून माह में निधन हो गया था। बलराम दिहाड़ी मजदूरी कर बच्चों का पालन पोषण करता था। घर के एकमात्र सदस्य बलराम के निधन से उसकी पत्नी विमला देवी के सम्मुख अपने और अपने दो छोटे-छोटे बच्चों की परवरिश की समस्या पैदा हो गई। पति की मृत्यु के बाद वह मेहनत मजदूरी कर बच्चों व खुद का भरण पोषण कर रही है।

एसबीआई में था मृतक का खाता

विमला के पति बलराम का बैंक खाता भारतीय स्टेट बैंक मुनस्यारी शाखा में खाता था, जिसमें जमा धन नहीं के बराबर था। खाते में भविष्य में भी राशि जमा नहीं कर पाने की लाचारी को देखते हुए विमला खाता बंद कराने के लिए बैंक पहुंंची और बैंक प्रबंधक बैक वरुण गुप्ता को बैंक खाता बंद कराने का प्रार्थना पत्र सौंपा।

मृतक का था पीएम जीवन ज्योति बीमा

बैंक प्रबंधक वरुण गुप्ता ने जब बलराम के खाते को चेक किया तो पता चला कि उसने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा करवा रखा था। प्रबंधक ने विमला देवी को यह बात बताते हुए अपने कार्यालय में ही उससे फार्म भरवाया और बीमा धनराशि दर्ज की। गुरुवार को विमला को स्वीकृत दो लाख रुपये की बीमा राशि का चेक दिया गया तो उसे पाकर विमला देवी भावुक हो उठी।

चेक पाकर हुई भावुक, जताया आभार

विमला ने कहा कि वह अपने बच्चों के साथ पति की मृत्यु के बाद मुश्किल भरे दिन बिता रही है। इस घड़ी में बैंक प्रबंधक सहित स्टाफ ने उसकी मदद कर उसे बीमा राशि प्रदान की है, जो उसके परिवार के लिए वरदान से कम नहीं है। चेक प्राप्त करने पर उसने बैंक प्रबंधक सहित बैंक स्टाफ का आभार जताया।

कई लाेगों को योजना की जानकारी नहीं, हो प्रचार

पूर्व ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने कहा कि अधिकांश लोगों को अभी तक इस योजना की जानकारी तक नही है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में इसके प्रचार, प्रसार की मांग की है।