October 29, 2026
Breaking News
  • Home
  • देश विदेश
  • ज्वेलरी पहनाकर दफनाई गई थीं लड़कियां, 1800 साल बाद सामने आई बड़ी सच्चाई, खुदाई मे कंकाल के साथ मिल रही ज्वेलरी

ज्वेलरी पहनाकर दफनाई गई थीं लड़कियां, 1800 साल बाद सामने आई बड़ी सच्चाई, खुदाई मे कंकाल के साथ मिल रही ज्वेलरी

By on April 11, 2023 0 277 Views

न्यूज़ डेस्क: इजरायल के यरुशलम के खंडहरों पर बने शहर एलिया कैपिटोलिना में खुदाई के दौरान 1800 साल पुराना लड़की का कंकाल मिला है. यहां रोमनों ने यरुशलम टेंपल का विनाश करने के बाद इस शहर को बसाया था. तब बड़ी संख्या में यहूदी इस जगह को छोड़कर चले गए थे. इसके बाद यहां रोमन साम्राज्यों से मिली जुली आबादी रहने आई. उनकी अपनी मान्यताएं और विश्वास थे. इजरायल पुरावशेष विभाग के दिवंगत पुरातत्त्वविद् येल एडलर के नेतृत्व में यहां खुदाई का काम शुरू हुआ था. माउंट स्कोप्स पर मौजूद एक कब्र में लड़की के कंकाल के साथ ज्वेलरी मिली. इसमें सोने के ईयरिंग्स, हेयरपिन, गोल्ड पैंडेंट, गोल्ड बीड्स, ग्लास बीड शामिल हैं.

ये खोज येल के जीवित रहते ही साल 1971 में ही हो गई थी. लेकिन इसमें जो कुछ मिला, उसका खुलासा अब किया गया है. विभाग के इस प्रोजेक्ट का नाम ‘पब्लिकेशन ऑफ पास्ट एक्सकावेशन प्रोजेक्ट’ है. इसके तहत खुदाई से जुड़ी पिछली अधूरी रिपोर्ट को प्रकाशित किया जा रहा है. यरुशलम में खुदाई के दौरान मिली ज्वेलरी को एक एग्जीबिशन में प्रदर्शित किया जाएगा.

1975 में मिले थे सोने के ईयरिंग्स

रिसर्चर्स का कहना है कि खुदाई में मिली चीजों पर रोमन लोगों के चंद्र भगवान लूना का निशान बना है. इन्हें लड़कियां पहना करती थीं और इन्हीं के साथ मौत के बाद उन्हें दफना दिया जाता था. ताकि आफ्टर लाइफ (मौत के बाद के जीवन) में भी उनकी रक्षा की जा सके. 1975 में यहां से दो सोने के ईयरिंग्स मिले थे.

एक रिसर्चर का कहना है, ‘ऐसा लगता है कि लड़की को महंगी सोने की ज्वेलरी के साथ दफनाया गया था, जिसमें ईयरिंग्स, लुनुला पैंडेंट के साथ चेन और हेयरपिन शामिल हैं.’ रिसर्चर का कहना है कि 1800 साल पहले लड़कियां सोने की ज्वेलरी को बुरी नजरों से बचाने के लिए ताबीज के तौर पर इस्तेमाल करती थीं.

इजरायल पुरावशेष विभाग के निदेशक एली एस्क्यूसिडो का कहना है, ‘युवा लड़की के पास मिली ज्वेलरी दिल को छू लेने वाली है. क्या कोई कल्पना कर सकता है कि उनके माता-पिता या रिश्तेदार अगर लड़की को अकेला छोड़कर जाते थे, तो उसे गहनों से सजा देते थे. अगर उसकी मौत हो जाए, तो भी उसके पास गहना होता था, ताकि सुरक्षा मिल सके.’ उन्होंने कहा कि यह मानवीय तौर पर काफी भावुक करने वाला है. चाहे संस्कृति या वक्त कोई भी हो, सभी लोग अपनी संतानों की रक्षा करने की जरूरत को समझते हैं.