Breaking News
  • Home
  • उत्तराखण्ड
  • भाजपा मे भीतरघात: घर सजाने का तसव्वुर तो बहुत बाद का है, पहले ये तय हो की इस घर को बचाएं कैसे…

भाजपा मे भीतरघात: घर सजाने का तसव्वुर तो बहुत बाद का है, पहले ये तय हो की इस घर को बचाएं कैसे…

By on February 21, 2022 0 254 Views

देहरादून: उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी के विधायकों के खुले आम ‘भितरघात’ के आरोप लगाने से राज्य की सत्ताधारी पार्टी में खलबली मची हुई है. प्रदेश में सभी 70 विधानसभा सीटों पर 14 फरवरी को मतदान हो चुका है. ऐसे में सभी की निगाहें 10 मार्च को आने चुनाव परिणामों पर टिकी हुई हैं. लेकिन मतदान के बाद से ही उत्तराखंड में भाजपा असहज नजर आ रही है. जिसकी एक बड़ी वजह उत्तराखंड में भाजपा के प्रत्याशियों द्वारा लगातार की जा रही बयानबाजी है.

इन आरोपों की शुरुआत हरिद्वार जिले के लक्सर से तीसरी बार विधानसभा में पहुंचने का प्रयास कर रहे विधायक संजय गुप्ता ने की. गुप्ता ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक पर ही उन्हें चुनाव हराने की साजिश करने का आरोप लगा दिया. लक्सर विधायक संजय गुप्ता के बाद काशीपुर, टनकपुर, चंपावत सहित यमुनोत्री, और अब कैबिनेट मंत्री और डीडीहाट से भाजपा प्रत्याशी बिशन सिंह चुफाल ने प्रदेश की कई विस सीटों पर भितरघात की आशंका जताई है। उन्होंने कहा जिन सीटों पर पार्टी कार्यकर्ताओं और संगठन के पदाधिकारियों ने पार्टी को नुकसान पहुंचाया है, उन पर आलाकमान को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

बता दें कि, मतदान के बाद कुछ नेताओं को अपनी हार का डर सताने लगा है. यही कारण है कि उन्होंने पार्टी से दगाबाजी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग शुरू कर दी है. वहीं, काशीपुर विधायक हरभजन सिंह चीमा ने भी बीते दिनों आशंका जताई है कि पार्टी के कई नेताओं ने भितरघात किया है. यमुनोत्री से विधायक केदार रावत ने पार्टी के किसी छोटे कार्यकर्ता पर नहीं बल्कि शीर्ष नेताओं पर नाम न लेते हुए आरोप लगाया है कि उनकी टांग खींचने में भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का हाथ है. केदार रावत का कहना है कि उनकी विधानसभा सीट में पार्टी के वरिष्ठ पदों पर बैठे भाजपा के कार्यकर्ताओं द्वारा भितरघात किया गया. जिसकी वजह से उनकी जीत का अंतर कम रहेगा.

अबकी बार-60 पार के नारे को लेकर विधानसभा चुनाव में उतरी बीजेपी ने सभी पार्टी नेताओं को इस संबंध में सख्त हिदायत जारी कर दी है. कहा गया है कि अपनी शिकायतें लेकर सार्वजनिक मंचों पर न जाएं और उन्हें पार्टी फोरम पर ही रखें. लेकिन भाजपा मे बगावत और भीतरघात की बात रुकने का नाम नहीं नहीं ले रही है और लगातार प्रत्याशी भाजपा संगठन के कुछ नेताओं पर भीतरघात का आरोप लगा रहे हैं।

वहीं, भाजपा में चल रही इस तरह की बयानबाजी पर कांग्रेस चुटकी ले रही है. कांग्रेस का कहना है कि उनके द्वारा लंबे समय से इस बात को कहा जा रहा है कि भाजपा में गहरा अंतर्कलह है और पार्टी के शीर्ष नेताओं द्वारा इसे जबरन दबाया जा रहा है. अब सत्ता जाने को है तो भाजपा की जूतम पैजार सामने आ रही है यह भाजपा की बौखलाहट है जो कि चुनाव परिणाम से पहले साफ नजर आ रही है. वहीं सूबे के मुखिया पुष्कर सिंह धामी जांच करने की बात कह चुके हैं।