एक और झटका देने की तैयारी ! BJP से CONG में जाने की अब इनकी बारी ?
देहरादून: कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य और उनके विधायक बेटे संजीव आर्य के कांग्रेस में शामिल होने के साथ ही कांग्रेस का दलबदल का खाता खुल गया है। कांग्रेस ने भाजपा की हैट्रिक का बड़ा जबाव कैबिनेट मंत्री के साथ विधायक को अपने पाले में लाकर सिक्सर से दिया है। जो कि आगे भी जारी रहने की संभावना जताई जा रही है। सोमवार को कांग्रेस मुख्यालय में यशपाल आर्य की घर वापसी के कार्यक्रम में हरीश रावत ने भी इसके संकेत दिए हैं। साफ है कि कांग्रेस और भाजपा आने वाले दिनों में सियासी पिच पर बड़ा उलटफेर करने की तैयारी में हैं।
दो और बड़े नेता कांग्रेस के संपर्क में
विधानसभा चुनाव आते ही दलबदल का खेल शुरू हो गया है। राजनैतिक दल दलबदल के जरिए बड़े चेहरों को अपने पाले में लाकर पार्टी का कद बढ़ाने की कोशिश में जुटे हैं। भाजपा ने खेल की शुरूआत की तो कांग्रेस पर दबाव नजर आने लगा। कांग्रेस ने भी 15 दिन का समय मांगा और दावा किया कि भाजपा के बड़े चेहरे उनके संपर्क में हैं। आखिरकार कांग्रेस ने उत्तराखंड में अपने वादे के अनुरूप भाजपा के खेमे में बड़ी सेंधमारी करते हुए यशपाल आर्य और संजीव आर्य को कांग्रेस ज्वाइन करा दी।
कांग्रेसी सूत्रों की मानें तो दो और बड़े चेहरे दीपावली से पहले कांग्रेस को ज्वाइन कर सकते हैं। इसमें एक और कैबिनेट मंत्री भी शाामिल हो सकता है। जिन नामों पर सबसे ज्यादा कयास लगाए जा रहे हैं, उनमें रायपुर से विधायक उमेश शर्मा काऊ और कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत का नाम तेजी से लिया जा रहा है। काऊ और हरक सिंह के कांग्रेस में जाने की चर्चांए लंबे समय से चल रही है। जब से रायपुर विधायक का भाजपा के कार्यकर्ताओं के साथ विवाद का वीडियो वायरल हुआ तबसे काऊ के कांग्रेस में जाने के कयास लगाए जा रहे हैं। सोमवार को जब यशपाल आर्य दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे तो विधायक काऊ के भी कांग्रेस ज्वाइन करने की खबरें आई। लेकिन बाद में काऊ को लेकर फिलहाल मामला रूकने की चर्चा शुरू हो गई। इतना ही नहीं काऊ को रोकने में अनिल बलूनी का दांव बताया जा रहा है। इधर हरक सिंह के चुनाव से पहले कांग्रेस में जाने के भी कयास तेजी से सामने आ रहे हैं।

