देहरादून। राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड में शनिवार से पांच दिवसीय लोक संवर्धन पर्व का शुभारंभ हो गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संयुक्त रूप से महोत्सव का उद्घाटन किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण भी किया।
11 से 15 जुलाई तक चलने वाले इस महोत्सव में देशभर से आए शिल्पकार, हस्तशिल्पी, लोक कलाकार, उद्यमी और पाक कला विशेषज्ञ अपनी पारंपरिक कला, शिल्प एवं स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। आयोजन स्थल पर 150 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें विभिन्न राज्यों की हस्तकला, हथकरघा उत्पाद, पारंपरिक व्यंजन और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिल रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड के लिए यह गर्व की बात है कि केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के साथ मिलकर लोक संवर्धन पर्व आयोजित करने वाला वह देश का पहला राज्य बना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन देश की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ शिल्पकारों और लोक कलाकारों को नए बाजार और रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अल्पसंख्यक समाज के शैक्षिक, आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए छात्रवृत्ति, कौशल विकास, स्वरोजगार, शिक्षा ऋण और मुख्यमंत्री हुनर योजना जैसी अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों और पर्यटकों से महोत्सव में पहुंचकर स्थानीय उत्पादों की खरीद के माध्यम से शिल्पकारों का उत्साहवर्धन करने की अपील की।
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि लोक संवर्धन पर्व केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता, पारंपरिक शिल्प और कारीगरों के सम्मान का राष्ट्रीय उत्सव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन (पीएम विकास) योजना के तहत आयोजित यह महोत्सव कारीगरों को विपणन, ब्रांडिंग और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने का प्रभावी मंच है। उन्होंने इस आयोजन में सहयोग के लिए उत्तराखंड सरकार की सराहना की।

