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उत्तराखंड विधानसभा सत्र में गूंजा भ्रष्टाचार का मुद्दा, विपक्ष ने धामी सरकार को घेरा, पढ़ें पूरी खबर

By on February 21, 2025 0 290 Views

देहरादून: उत्तराखंड विधानसभा सत्र का आज चौथा दिन है. चौथे दिन विपक्ष ने सदन में नियम 58 के तहत भ्रष्टाटाचार के मुद्दे पर सत्ता पक्ष को घेरने की कोशिश की. नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भ्रष्टाचार को मामले को लेकर खुलकर धामी सरकार को घेरा. नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा राज्य में हर जगह भ्रष्टाचार का बोलबाला है. उन्होंने कहा उत्तराखंड बाहर से विभागों में अधिकारी आयतित हो रहे हैं. राज्य में अवैध खनन जोरों से चल रहा है. उन्होंने कहा उद्यान विभाग में महाघोटाला हुआ. ये CBI जांच में भी साबित हुआ है.

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा उद्यान विभाग में महाघोटाला में तत्कालीन निदेशक की बड़ी भूमिका रही.जमरानी औऱ सोौग में नियमों की अनदेखी करते हुए ठेके आवंटित कर दिए गए. हिल स्टेशन मसूरी में पर्यटन विकास परिषद की 142 एकड़ जमीन को एक अधिकारी ने 1 करोड़ रुपये सालने पर किराया पर दे दिया. सरकार व अधिकारियों को ये अधिकार किसने दिया. उन्होंने कहा एशियन बैंक से 23 करोड़ रुपये लोन लेकर उसका समतलीकरण किया गया. उसके बाद चहेतों को बांट दी गई.

उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने भी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा नए भ्रष्टाचार के कीर्तिमान सरकार ने स्थापित किए हैं. बुलडोजर लेकर सरकार अवैध निर्माण के खिलाफ सरकार अभियान चला रही, दूसरी तरफ अपने चहेतों को सस्ती दरों में जमीन आवंटन कर रही है. उन्होंने कहा प्रदेश में NH घोटाला करने वालो को सरकार क्लीन चिट दे दी जाती है. आउट सोर्स से बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है. जिसमे कंपनियां 6 महीने का वेतन देकर भाग जा रही हैं. युवा इसके बाद सैलरी से लिए भटक रहे हैं. भुवन कापड़ी मे डिजिटल बोर्ड घोटाले का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा डिजिटल बोर्ड जिनकी कीमत 1 लाख है, सरकार ने ढाई ढाई लाख रुपए में खरीद कर बड़ा घोटाला किया है. जिसकी जांच की जानी चाहिए.

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने भी सरकार को घेरा. सुमित हृदयेश ने कहा उत्तराखंड में भाजपा की सरकार नहीं बल्कि प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है. एक साल में पुरानी बैच की शराब ठेके पर नहीं बेची जा सकती, लेकिन सरकार के राज में पांच पांच साल पुरानी बैच की शराब भी ठेकों पर बिक रही है. उन्होंने कहा पीपीपी मोड उत्तराखंड में सबसे बड़ा अभिशाप है. उन्होंने कहा नियुक्ति के लिए पहले परसेंटेज लिया जाता है, बाद में नियुक्ति दी जाती है. भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस विधायक रवि बहादुर ने भी सदन में अपनी बात रखी. उन्होंने कहा हरिद्वार में बड़े पैमाने पर खनन माफिया के हौसले बुलंद है. ज्वालापुर विधानसभा में खनन से अभी तक कई मौतें हो चुकी हैं. अलग-अलग तरीके से रॉयल्टी जारी कर खनन की खुली छूट दी जा रही है. एक व्यक्ति को 20-20 टेंडर दिए जा रहे हैं. जिसके चलते काम समय पर पूरे नहीं हो पाते हैं.