September 13, 2026
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प्राथमिक शिक्षा निदेशक से मारपीट केस में फंसे BJP MLA! पार्टी करेगी जवाब तबल, महेंद्र भट्ट ने शिक्षकों से भी अपील

By on February 22, 2026 0 194 Views

देहरादून: उत्तराखंड प्राथमिक शिक्षा निदेशालय में प्राथमिक शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल के साथ हुई मारपीट मामले में बीजेपी विधायक उमेश शर्मा काऊ की मुश्किल बढ़ने वाली है. इस मामले में एक तरफ जहां अजय नौडियाल की तहरीर पर विधायक उमेश शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है तो वहीं अब बीजेपी संगठन भी विधायक उमेश शर्मा से जवाब तलब कर सकता है. इसके संकेत खुद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने दिए है.

उत्तराखंड के राजनीति गलियारों में आज प्राथमिक शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल के साथ हुई मारपीट का मामला गरमाया हुआ है. कांग्रेस समेत अन्य राजनीतिक दल इस मामले को लेकर बीजेपी पर हमलावर हो रखे है. यहीं कारण है कि अब बीजेपी ने विधायक उमेश शर्मा से जवाब तलब करने का निर्णय लिया है.

कानून के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा: बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने साफ किया है कि किसी भी तरह की अराजकता, हिंसा और कानून के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे व्यक्ति किसी भी पद पर क्यों न हो. प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि जन समस्याएं उठाना जनप्रतिनिधियों का अधिकार है, लेकिन उसके लिए हिंसा का सहारा लेना कतई स्वीकार्य नहीं हो सकता.

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बीजेपी इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है और संगठन स्तर पर उचित कार्रवाई की जाएगी. उत्तराखंड भाजपा द्वारा जारी जानकारी के अनुसार पार्टी अपने रायपुर विधायक उमेश काऊ से जल्द ही जवाब तलब करेगी. विधायक से यह स्पष्ट करने को कहा जाएगा कि किन परिस्थितियों में यह घटनाक्रम हुआ और इसमें उनकी भूमिका क्या रही. पार्टी पूरे प्रकरण की निष्पक्ष समीक्षा करेगी और तथ्यों के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा.

दोषी पर होगी कार्रवाई: प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी साफ किया कि इस मामले में कानून को अपना काम करने दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई के पक्ष में पार्टी खड़ी है. भाजपा का स्पष्ट मत है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और अनुशासनहीनता को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता.

शिक्षा विभाग के कर्मचारियों से बीजेपी की अपील: इस घटनाक्रम के बीच महेंद्र भट्ट ने शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मियों और शिक्षक समुदाय से भी संयम बरतने की अपील की है. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश में बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं और ऐसे में किसी भी तरह का विरोध या अव्यवस्था छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर सकती है. यह समय अत्यंत संवेदनशील है और सभी पक्षों को छात्रों के हित को सर्वोपरि रखना चाहिए.

दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो: भट्ट ने कहा कि शिक्षक समाज का दायित्व केवल शिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि कठिन परिस्थितियों में भी संतुलन बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है. पार्टी संगठन इस बात के पक्ष में है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो, लेकिन साथ ही यह भी जरूरी है कि बोर्ड परीक्षाओं की प्रक्रिया बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से चलती रहे.

गौरतलब है कि शिक्षा अधिकारी के साथ हुई इस घटना को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. एक ओर जहां जांच प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, वहीं भाजपा ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अनुशासन, कानून और छात्रों का भविष्य तीनों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा.

पूरा मामला जानिए: दरअसल, बीजेपी विधायक उमेश शर्मा अपने समर्थकों के साथ शनिवार 21 फरवरी दोपहर को उत्तराखंड प्राथमिक शिक्षा निदेशालय गए थे. बताया जा रहा है कि विधायक उमेश शर्मा अपनी विधानसभा क्षेत्र रायपुर में एक सरकारी की स्कूल की नाम बदलवाना चाहते है. इसीलिए उन्होंने प्राथमिक शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल से उनके दफ्तर में मुलाकता की.

अजय नौडियाल का आरोप है कि उनकी तरफ से बीजेपी विधायक उमेश शर्मा को स्पष्ट रूप से बताया गया था कि ये मामला शासन का है. उनके स्तर का नहीं है. इसी बात को लेकर बीजेपी विधायक उमेश शर्मा और उनके समर्थकों ने उनसे बहस की. आरोप है कि बीजेपी विधायक उमेश शर्मा के सामने ही उनके समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की, जिससे वो गंभीर रूप से घायल भी हो गए. इस मामले में पुलिस ने अजय नौडियाल की तहरीर पर बीजेपी विधायक उमेश शर्मा और उनके समर्थकों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया है.