मानव-वन्यजीव संघर्ष पर नैनीताल में मंथन, बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता
नैनीताल। नैनीताल स्थित जी.बी. पंत उच्च स्थलीय प्राणी उद्यान में मानव-वन्यजीव संघर्ष और वन विभाग से जुड़ी जनसमस्याओं को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य योगेश सिंह रजवार ने की।
बैठक में मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए स्थानीय नागरिकों और विशेष रूप से विद्यालय आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
आयोग सदस्य योगेश सिंह रजवार ने वन विभाग को संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां सोलर लाइट, फेंसिंग और स्कूल मार्गों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए और संवेदनशील क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था मजबूत की जाए।
उन्होंने नैनीताल और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती बंदरों की समस्या को देखते हुए वानर बंध्याकरण कार्यक्रम को अभियान के रूप में प्रभावी ढंग से संचालित करने की आवश्यकता बताई।
बैठक में ग्रामीणों और विद्यार्थियों के बीच व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। लोगों को वन्यजीवों के व्यवहार, सुरक्षित दूरी बनाए रखने और वन्यजीव दिखाई देने पर बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
योगेश सिंह रजवार ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष का समाधान केवल रेस्क्यू कार्रवाई तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसके लिए सुरक्षात्मक उपायों, जन-जागरूकता और स्थानीय समुदाय की भागीदारी के साथ ठोस कार्ययोजना तैयार कर उसका प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है।
उन्होंने जमरानी परियोजना के सीएसआर मद से ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर लाइट, फेंसिंग और रेस्क्यू वाहन उपलब्ध कराने की दिशा में पहल करने की बात कही।
आगामी सीजन में संभावित मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को देखते हुए रेस्क्यू टीमों में अतिरिक्त कार्मिकों की तैनाती, 24 घंटे उपलब्धता और आधुनिक उपकरणों से लैस करने पर भी जोर दिया गया। टीमों को नाइट विजन कैमरा, जीपीएस, आधुनिक संचार उपकरण, ट्रैंक्विलाइजिंग उपकरण, प्राथमिक उपचार किट, पिंजरे और आवश्यक सुरक्षा सामग्री उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई गई।
बैठक में आयोग सदस्य ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम और रेस्क्यू कार्यों में नैनीताल वन प्रभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
बैठक में उप वन संरक्षक आकाश गंगवार समेत नैनीताल वन प्रभाग के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और अन्य संबंधित लोग मौजूद रहे।
आयोग सदस्य योगेश सिंह रजवार ने कहा कि बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च जिम्मेदारी है। आधुनिक संसाधनों, विभागीय समन्वय और जनसहभागिता के जरिए नैनीताल जिले में मानव-वन्यजीव संघर्ष को न्यूनतम करने के लिए लगातार प्रभावी प्रयास किए जाएंगे।

