उत्तराखंड में लोकायुक्त गठन की प्रक्रिया तेज, अध्यक्ष और सदस्यों के चयन के लिए पांच सदस्यीय खोजबीन समिति गठित
देहरादून: उत्तराखंड में लंबे समय से लंबित लोकायुक्त गठन की प्रक्रिया अब गति पकड़ने लगी है। राज्य सरकार ने लोकायुक्त के अध्यक्ष और सदस्यों के चयन के लिए पांच सदस्यीय खोजबीन (सर्च) समिति का गठन कर दिया है। यह समिति योग्य एवं उपयुक्त उम्मीदवारों के नामों का पैनल तैयार कर चयन समिति को सौंपेगी, जिसके आधार पर अंतिम नियुक्तियां की जाएंगी।
कार्मिक एवं सतर्कता विभाग के सचिव शैलेश बगौली के अनुसार, उत्तराखंड लोकायुक्त अधिनियम-2014 की धारा 4(3) के तहत 4 जून 2026 को आयोजित चयन समिति की बैठक में हुई संस्तुति के बाद इस खोजबीन समिति का गठन किया गया है। सरकार के इस कदम को राज्य में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
ऐसी होगी खोजबीन समिति
समिति की अध्यक्षता उत्तराखंड हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति आलोक वर्मा करेंगे। इसके अलावा उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव इंदु कुमार पांडे, सुभाष कुमार और राधा रतूड़ी को सदस्य बनाया गया है। दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर सुरेखा डंगवाल भी समिति का हिस्सा होंगी। समिति में न्यायिक, प्रशासनिक और शैक्षणिक क्षेत्र के अनुभवी व्यक्तियों को शामिल किया गया है।
क्या होगा समिति का काम?
उत्तराखंड लोकायुक्त अधिनियम-2014 की धारा 4(4) के अनुसार खोजबीन समिति लोकायुक्त के अध्यक्ष और सदस्य पदों के लिए योग्य व्यक्तियों की पहचान करेगी और पात्रता के आधार पर उनके नामों का पैनल तैयार करेगी। इसके बाद यह पैनल चयन समिति को भेजा जाएगा, जहां से अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
2023 में बनी थी चयन समिति
उत्तराखंड हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद वर्ष 2023 में लोकायुक्त चयन समिति का गठन किया गया था। इस समिति में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अध्यक्ष हैं, जबकि नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी, नैनीताल हाईकोर्ट के प्रतिनिधि मनोज कुमार और विधि विशेषज्ञ सदस्य के रूप में शामिल हैं।
भ्रष्टाचार पर निगरानी की अहम संस्था
लोकायुक्त एक स्वतंत्र निगरानी संस्था है, जिसका उद्देश्य जनप्रतिनिधियों, सरकारी अधिकारियों और लोकसेवकों के खिलाफ भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और अनियमितताओं से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच करना है। लंबे समय से इसकी सक्रियता का इंतजार किया जा रहा था।
पारदर्शिता और जवाबदेही को मिलेगी मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि अनुभवी सदस्यों वाली खोजबीन समिति के गठन से चयन प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी होगी। यदि प्रक्रिया तय समय में पूरी होती है तो उत्तराखंड में लोकायुक्त संस्था को नई सक्रियता मिलेगी और प्रशासनिक जवाबदेही के साथ भ्रष्टाचार निरोधक तंत्र को भी मजबूती मिलेगी।

