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नशे के विरुद्ध युवा विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन ।

By on April 10, 2023 0 246 Views

कालाढूंगी।राजकीय महाविद्यालय कोटाबाग नैनीताल के ड्रग मुक्त देवभूमि अभियान प्रकोष्ठ के तत्वाधान में एक दिवसीय राज्य स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता प्राचार्य प्रोफेसर नवीन भगत ने करी। संगोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता शहीद मंगल पांडे राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय मेरठ के इतिहास विभाग की प्रोफेसर अनीता गोस्वामी जी ने अपना उद्बोधन दिया।

अपने उद्बोधन में प्रोफेसर अनीता ने कहा कि नशा समाज की जड़ों को खोखला कर रहा है। आज हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम युवाओं को इस नशे की गिरफ्त से दूर करें।
इसके लिए यह आवश्यक है कि हम छात्र-छात्राओं में युवाओं में पठन-पाठन ,अध्ययन अध्यापन, पुस्तकों को पढ़ने की आदत, अच्छे साहित्य का ,संगीत का अभ्यास ,वाद्य यंत्रों का अभ्यास, खेलों में सहभागिता ,सामाजिक कार्यों में सहभागिता ,धार्मिक कार्यों में सहभागिता इस दिशा में वर्तमान युवाओं को मोड़ना नितांत आवश्यक है ।क्योंकि यही वह दिशा है, जो नशे की दशा को खत्म कर देगी। भौतिकवाद के इस युग में जहा अधिकांश लोग धन लोलुप हो गए हैं। धन के पीछे भाग रहे हैं और यह नहीं देख रहे हैं कि उनके पीछे उनकी औलाद क्या कर रही है, माता-पिता की प्रत्यक्ष देखभाल न होने के कारण बच्चा नशे की गिरफ्त में गिरफ्तार हो रहा है। और परिवार के साथ साथ समाज और देश को भी खोखला कर रहा है ।नशे से युवा के मस्तिष्क में सोचने और समझने की क्षमताएं लगभग खत्म से हो रही हैं ।नशे का एक कारण यह भी है कि वर्तमान प्रतियोगिता के दौर में माता-पिता अपेक्षा से अधिक भोज अपने पालियो के ऊपर डाल दिया है ।उन अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरने की दशा में पालय या तो आत्महत्या को मजबूर हो रहा है या कुंठा ग्रस्त होकर नशे की गिरफ्त में आ जाता है ।माता-पिता को चाहिए कि वह अपने पालियों के लिए ऐसी योजना का निर्माण करें जिसमें उन्हें संतुष्टि प्रदान होती है, ना कि अपने अधूरे सपनों को पूरा करने का माध्यम अपने पालियों को बनाएं। प्रोफेसर अनीता ने यह भी कहा कि समाज के शिक्षकों की यह जिम्मेदारी है कि युवाओं को इस बीमारी से दूर करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम समय-समय पर करते रहें, करा ते रहें ,यह ना सोचे कि इसका असर होगा या नहीं होगा हमें इस दिशा में निरंतर इस तरह के विचार गोष्ठियों और कार्य करने की नितांत आवश्यकता है। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बेरीनाग के इतिहास विभाग के विद्वान प्राध्यापक डॉक्टर महिपाल सिंह कुटियाल ने बतौर विशिष्ट वक्ता के रूप में अपने उद्बोधन में यह कहा कि युवाओं को वर्तमान परिपेक्ष में भारतीय संस्कृति और भारतीय संस्कारों को अपनाना चाहिए । हमारी प्राचीन संस्कृति हमारे प्राचीन संस्कार नशे से सदैव दूर रहे हैं। हमारे वेद, हमारे पुराण ,रामायण ,गीता इन सब का अध्ययन अध्यापन करने से भी युवा नशे से दूर हो सकता है क्योंकि इन सब का अध्ययन युवाओं को नैतिकता के निकट ले जाता है। युवाओं को अपने खाली समय में अपने माता पिता की सेवा के साथ-साथ समाज के सामाजिक कार्यों में भी स्वयं का योगदान देना चाहिए। युवाओं को आज आवश्यकता है धार्मिक ग्रंथों को और चाणक्य नीति विदुर नीति को पढ़ने की। युवाओं को ऐसे विज्ञापनों से, ऐसे चलचित्र से ,ऐसे अभिनेताओं से सदैव दूर रहना चाहिए जो नशे के बाजार को बढ़ाने के लिए चंद पैसों के लालच में युवाओं के समक्ष इस तरह के विज्ञापन लाते हैं ।कार्यक्रम का संचालन नोडल अधिकारी डॉ हरीश चंद्र जोशी ने किया। प्रोफेसर नवीन भगत जी ने आशीर्वाद स्वरुप यह कहा कि हम सब को जिम्मेदार नागरिक की तरह अपने कर्तव्यों का पालन करना होगा। तभी हम देवभूमि उत्तराखंड को ड्रग मुक्त देवभूमि बनाने में सफल हो पाएंगे। असंभव कुछ भी नहीं है यदि निरंतर ईमानदारी से प्रयास होते रहेंगे तो यह बीमारी अवश्य एक दिन दूर हो जाएगी। कार्यक्रम में तमाम महाविद्यालयों के प्राध्यापकों के साथ-साथ राजकीय महाविद्यालय कोटाबाग से वरिष्ठ प्राध्यापक दिनेश व्यास, डॉ आलोक पांडे, भावना जोशी, डॉक्टर सत्येंद्र भगत, बिंदिया राही सिंह ,डॉ विनोद कुमार उनियाल ,डॉ सुनीता, गोधन कार्की,भुवन चंद्र भट सहित सैकड़ों छात्र छात्राएं उपस्थित रहे यह कार्यक्रम वर्चुअल मोड में चलाया गया ।