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P. A .C : उत्तराखंड मे काँग्रेस, कायाकल्प और कसरत, क्या फिर मजबूत पार्टी के रूप मे उभर पाएगी कांग्रेस ?

By on June 8, 2022 0 208 Views

देहरादून; प्रदेश में पांचवीं विधानसभा चुनाव मे जहां कांग्रेस को भारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी उसके बाद अब चंपावत उपचुनाव के परिणाम ने कांग्रेस के मनोबल पर गहरा प्रभाव डाला है। तेजी से सिमट रहे जनाधार को संभालने के लिए विभिन्न वर्गों को शामिल करते हुए कांग्रेस पालीटिकल एडवाइजरी कमेटी गठित करेगी और ये कमेटी अब पार्टी की जनता के बीच पैठ मजबूत करने की रणनीति बनाएगी। कांग्रेस हाईकमान भी उत्तराखंड में पार्टी की लगातार कमजोर होती जा रही स्थिति से चिंतित है। देवभूमि उत्तराखंड में पांच साल बाद सत्ता परिवर्तन का मिथक अब टूट चुका है। कांग्रेस को इस मिथक पर तो भरोसा था ही, साथ में यह उम्मीद भी थी कि पिछली भाजपा सरकार के विरोध में एंटी इनकंबेंसी फैक्टर काम करेगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पार्टी ने विधानसभा चुनाव में इसी रणनीति के आधार पर चुनाव प्रचार अभियान की रूपरेखा तैयार की थी। पांचवीं विधानसभा के चुनाव परिणाम सामने आए तो पार्टी सकते में आ गई। पार्टी की रणनीति हर स्तर पर नाकाम साबित हो गई। यद्यपि पार्टी के मत प्रतिशत में वृद्धि हुई और सीटों की संख्या भी 11 से बढ़कर 19 पहुंच गई। इसके बावजूद कांग्रेस सफलता की सीढ़ी चढऩे से काफी दूर रह गई थी।

एक बार फिर रणनीतिक मोर्चे पर मिली निराशा से उबरने के लिए अब प्रदेश स्तर पर पीएसी के गठन का निर्णय लिया गया है। यह काम जल्द किया जाएगा, ताकि प्रदेशभर में पार्टी की सक्रियता बढ़ाई जा सके। लगातार हार से प्रदेश में पार्टी के दिग्गज नेताओं से लेकर कार्यकर्त्‍ताओं पर बुरा असर देखा जा रहा है। पीएसी में युवाओं के साथ ही अनुसूचित जाति, जनजाति समेत विभिन्न वर्गों को प्रतिनिधित्व देने के संकेत हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा का कहना है कि पार्टी हाईकमान से इस बारे में हरी झंडी मिल चुकी है। हाईकमान के स्तर से ही नई कमेटी के गठन के आदेश जल्द जारी किए जाएंगे। लेकिन सवाल ये उठता है की लगातार हार का सामना कर रही कांग्रेस और अपने वरिष्ठ नेताओं को नाराज़ कर रही कांग्रेस क्या PAC गठित करके सभी वर्गों सहित वरिष्ठ नेताओं को इस कमेटी मे जोड़कर कर खुश करना चाहती है , क्यूंकी नए प्रदेश अध्यक्ष और नए नेतप्रतिपक्ष के चयन पर प्रदेश के बड़े क्नग्रेसी नेताओं ने विरोध किया था और कई वरिष्ठ नेता कांग्रेस छोड़ भी चुके है। सवाल ये भी है की क्या उत्तराखंड मे लगातार कमजोर हो रही कांग्रेस PAC के गठन करके मजबूत हो पाएगी ? क्या फिर जनता के दिल मे कांग्रेस जगह बना पाएगी।

एक तरफ जहां PAC कमेटी को लेकर प्रदेश मे कांग्रेस के नटा उत्साहित हैं वहीं जानकारों का कहना है की इस कमेटी से कांग्रेस मजबूत नहीं हो सकती है क्योंकि कांग्रेस के कार्यकर्ता खत्म हो चुके हैं कांग्रेस मे सिर्फ नेता बचे हैं कार्यकर्ता नहीं हैं कांग्रेस को पहले कार्यकर्ता बनाने होंगे। वहीं बीजेपी का कहना है की पूरे देश मे कांग्रेस खत्म हो गई है कांग्रेस के काम कोई कमेटी नहीं आएगी। कांग्रेस अब पुरे देश मे नहीं उभर सकती।