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मदरसों के सर्वे पर ना करें बवाल, जब कुछ छुपाने को नहीं है, तो चिल्लाना क्यों? – मुख्तार अब्बास नकवी

By on September 17, 2022 0 225 Views

लखनऊः पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने शुक्रवार को कहा कि विदेशी आक्रमणकारियों की ‘गुनाहों की गठरी’ को भारतीय मुसलमानों के ‘सिर का बोझ’ नहीं बनाना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता नकवी शुक्रवार को लखनऊ स्थित विश्वेश्वरैया हॉल में उत्तर प्रदेश भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर लोगों को संबोधित कर रहे थे। यहां जारी एक बयान में नकवी ने कहा कि हमें सभी मदरसों पर शक नहीं करना चाहिए, लेकिन सर्वेक्षण को लेकर बवाल करना खुद सवाल बन जाता है।

वहीं, नकवी ने सवाल किया कि जब कुछ छुपाने को नहीं है, तो चिल्लाना क्यों? भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कुछ लोग “इस्लामोफोबिया” के झूठे और मनगढ़ंत तर्कों तथा दुष्प्रचार के जरिये भारत को बदनाम करने की कोशिश करते रहते हैं, लेकिन ऐसी साजिश से सजग रहने की जरूरत है। नकवी ने कहा कि भाजपा ने तुष्टीकरण के ‘सियासी छल’ को ‘समावेशी सशक्तिकरण’ के बल से ध्वस्त किया है।

धर्मनिरपेक्षता कुछ लोगों के लिए वोट से जुड़ा सौदा- नकवी

उन्होंने कहा कि इसी का प्रमाण है कि आज एमवाई (मोदी-योगी) फैक्टर मतलब समावेशी विकास और सशक्तिकरण है। उन्होंिने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे जन नेता हैं, जिन्होंने जाति और समुदाय आधारित संकीर्ण सियासी संस्कृति को तोड़ने का काम किया। नकवी ने कहा धर्मनिरपेक्षता (सेकुलरिज्म) कुछ लोगों के लिए वोट से जुड़ा सौदा है, लेकिन हमारे लिए यह समावेशी विकास का मसौदा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के दौरान आए सकारात्मक बदलाव से बेचैन लोग देश की एकता और सौहार्द के ताने-बाने को तोड़ने की साजिश में जुटे हैं।