22 साल साथ रहने के बाद अब आरोप क्यों? रेखा आर्या-गिरधारी विवाद पर CM धामी ने उठाए सवाल, बोले- जांच के बाद ही तय हो दोषी
देहरादून। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच चल रहे विवाद पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निष्पक्ष जांच की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा कि किसी के आरोप लगाने या बातचीत की ध्वनि रिकॉर्डिंग सामने आने भर से किसी को दोषी नहीं माना जा सकता। दोषी वही होगा, जिसे जांच और कानून के आधार पर दोषी पाया जाएगा।
बुधवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय में सरकार और संगठन के आगामी कार्यक्रमों को लेकर आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री से इस विवाद पर सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि मामला बेहद संवेदनशील है और आरोप किन परिस्थितियों में लगाए गए हैं, इसे भी समझना जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब दोनों 22 साल तक साथ रहे, तो इतने लंबे समय तक आरोप क्यों नहीं लगाए गए और अब इनके सामने आने की वजह क्या है?
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी बातचीत में किसी व्यक्ति का नाम लिए जाने से यह साबित नहीं होता कि वह भी मामले में शामिल है। ध्वनि रिकॉर्डिंग और बयानों को अंतिम सच मानने के बजाय उनकी सत्यता की जांच की जानी चाहिए। पूरे मामले के सभी पहलुओं को समझने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित होगा।
धामी ने कहा कि किसी को राजनीतिक नजरिये से दोषी नहीं ठहराया जा सकता। आरोपों के आधार पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश से भी किसी का अपराध साबित नहीं होता। जांच तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए, ताकि किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो और दोषी कानून की पकड़ से बच न सके। उन्होंने कहा कि मामले में दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए।
मुख्यमंत्री से उर्मिला और सुरेश राठौर के कथित प्रसारित ध्वनि रिकॉर्डिंग के संबंध में भी सवाल किए गए। इस पर उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में सामने आई सभी रिकॉर्डिंग की जांच होनी चाहिए। जांच में किसी तरह का संदेह नहीं रहना चाहिए और कानून के अनुसार ही कार्रवाई की जानी चाहिए।
गौरतलब है कि रेखा आर्या ने हाल ही में अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ देहरादून के कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने घरेलू हिंसा और मारपीट समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके बाद गिरधारी लाल साहू ने भी एक वीडियो जारी कर रेखा आर्या पर करीब 200 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों के बीच अब मुख्यमंत्री ने जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही किसी को दोषी ठहराने की बात कही है।

