हल्दूचौड़ में सोलर फेंसिंग का काम शुरू, हाथियों से फसलों और आबादी की सुरक्षा की उम्मीद
नैनीताल जिले के हल्दूचौड़ में मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने की दिशा में सोलर फेंसिंग का कार्य शुरू हो गया है। हाथियों और अन्य वन्यजीवों से फसलों को हो रहे नुकसान और ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग ने हल्दूचौड़-दौलिया क्षेत्र में काम शुरू कराया है। इस परियोजना के तहत सोलर फेंसिंग के साथ सोलर लाइटें भी लगाई जाएंगी। क्षेत्रीय जनसमस्या निवारण संघर्ष समिति के संयोजक पीयूष जोशी के प्रयासों और ग्राम प्रधान राधा कैलाश भट्ट के समन्वय से कार्य शुरू होने पर ग्रामीणों ने राहत की उम्मीद जताई है।
हल्दूचौड़-दौलिया ग्राम सभा में लंबे समय से हाथियों और अन्य वन्यजीवों की आवाजाही के कारण किसानों की फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। साथ ही ग्रामीणों को आबादी वाले क्षेत्रों में वन्यजीवों के आने का खतरा भी बना रहता है। इस समस्या के समाधान के लिए वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर चिन्हित वन सीमा की नपाई, झाड़ियों की कटाई और सफाई का काम शुरू कराया। इसके साथ ही फेंसिंग के पोल और तार लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री घोषणा संख्या 666/2025 के अंतर्गत करीब एक करोड़ 52 लाख रुपये की लागत से सोलर फेंसिंग, कंक्रीट फेंसिंग और सोलर लाइट लगाने की परियोजना स्वीकृत की गई है। इस योजना के तहत हल्दूचौड़-दौलिया क्षेत्र की टीला और देवरामपुर बीट में 12 किलोमीटर सोलर फेंसिंग और 67 सोलर लाइटें लगाने का प्रावधान है। वन दरोगा दीप चन्द्र आर्या के नेतृत्व में विभागीय टीम ने कार्य शुरू कराया।
वहीं, क्षेत्रीय जनसमस्या निवारण संघर्ष समिति के संयोजक पीयूष जोशी ने वन विभाग और शासन को एक पूरक कार्ययोजना भेजकर अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की मांग की है। इसमें संवेदनशील स्थानों पर सोलर स्ट्रीट लाइट और मोशन सेंसर फ्लड लाइट लगाने, मजबूत कंक्रीट फेंसिंग बनाने, हाथियों को आबादी में आने से रोकने के लिए खाई खोदने, फसलों के नुकसान का सर्वे कर किसानों को मुआवजा देने और संवेदनशील चौराहों पर त्वरित कार्रवाई दल तैनात करने की मांग शामिल है।
सोलर फेंसिंग का कार्य शुरू होने पर ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम का आभार जताया। संघर्ष समिति के संयोजक पीयूष जोशी और ग्राम प्रधान राधा कैलाश भट्ट ने कहा कि यह पहल किसानों की फसलों और ग्रामीणों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि परियोजना पूरी होने के बाद मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में कमी आएगी।
समापन — फिलहाल, क्षेत्रवासियों की नजरें सोलर फेंसिंग का कार्य समय पर पूरा होने और प्रस्तावित अतिरिक्त सुरक्षा उपायों पर हैं, ताकि ग्रामीणों को हाथियों और अन्य वन्यजीवों से होने वाले नुकसान से राहत मिल सके।

