September 12, 2026
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मनसा देवी हादसे पर शासन की हाई लेवल मीटिंग, मंदिरों के आसपास अतिक्रमण हटेगा, एक्सपर्ट बनाएंगे सुरक्षा प्लान

By on July 30, 2025 0 204 Views

देहरादून: हरिद्वार मनसा देवी हादसे के दो दिन बाद शासन स्तर पर मंगलवार 29 जुलाई को हाई लेवल बैठक की गई. बैठक में मंदिरों की सुरक्षा को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया. सरकार ने तय किया है कि अब सबसे पहले मंदिरों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा. मंदिर के आसपास या फिर पैदल मार्ग पर जो भी अवैध दुकानों लगाई गई हैं, उनको हटाया जाएगा. इसके अलावा एक्सपर्ट की मदद से मंदिरों की सुरक्षा-व्यवस्था का एक प्लान भी तैयार किया जाएगा.

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक: शासन की तरफ से प्रदेश के तमाम जिलाधिकारियों को आदेश भी जारी कर दिए गए थे. दरअसल, मुख्य सचिव आनंद वर्धन की अध्यक्षता में मंगलवार 29 जुलाई को उत्तराखंड सचिवालय देहरादून में बैठक की गई. बैठक में उत्तराखंड के महत्त्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन आदि के सम्बन्ध में वरिष्ठ अधिकारियों की चर्चा हुई.

श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष फोकस: मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में बड़े धार्मिक स्थलों पर वीकेंड और महत्वपूर्ण दिवसों पर श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते है. ऐसे में मनसा देवी में दो दिन पहले ही हुई भगदड़ जैसी घटनाओं की आशंका बनी रहती है. भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसीलिए मंदिर और आसपास की ऐसी जगहों को चिन्हित कर वहां पर अंशकालिक व दीर्घकालिक व्यवस्थाएं बनाई जाए.

मंदिरों के आसपास के अतिक्रमण को हटाया जाएगा: बैठक में निर्णय लिया गया है कि सभी मार्गों का चौड़ीकरण कराया जायेगा. इसके साथ ही बैठक में ये भी तय हुआ है कि धार्मिक स्थलों में भीड़ प्रबंधन के लिए तकनीक का प्रयोग भी किया जाए. अगर कहीं भीड़ अधिक होती है तो तत्काल यात्रियों को रोककर उनके ठहरने की व्यवस्था हो सके, ऐसी सुविधा विकसित की जाये.

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रत्येक धार्मिक स्थल के लिए रूट और सर्कुलेशन प्लान तैयार किया जाए, ताकि धार्मिक स्थलों में अचानक भीड़ न हो. भीड़ अधिक होने की संभावना पर श्रद्धालुओं को कहां-कहां रोका जा सकता है कि उसका स्थान निर्धारित किया जाए.

मुख्य सचिव ने श्रद्धालुओं की संख्या का आकलन करने के लिए तकनीक का उपयोग करते हुए भीड़ प्रबंधन तंत्र तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं. फिलहाल पहले चरण में नीलकंठ, मनसा देवी, चंडी देवी, कैंची धाम और पूर्णागिरि मंदिर का विशेषज्ञों के माध्यम से अध्ययन कराया जाएगा. सभी कामों के लिए इंजीनियरिंग की सहायता भी ली जाये.

शासन का मानना है कि धार्मिक स्थलों पर हर साल भीड़ बढ़ रही है. इसीलिए यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए कुछ जरूर कदम उठाए जाने की जरूरत है. उसी को लेकर आज 29 जुलाई को हुई बैठक में कुछ निर्णय लिए गए. बता दें कि रविवार 27 जुलाई को सुबह 9 बजे करीब मनसा देवी मंदिर पैदल मार्ग यानी सीढ़ियों पर अचानक से भगदड़ मच गई. इस हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई थी, वहीं तीस लोग घायल भी हुए थे.

हादसे के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी हरिद्वार पहुंचे थे और उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया था. साथ ही वहां भगदड़ क्यों मची. किस तरह की अफवाह फैली इस सभी बातों का पता लगाने के लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए थे.