September 15, 2026
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पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे की बढ़ीं मुश्किलें, आवास पर अतिक्रमण हटाने का नोटिस चस्पा

By on January 22, 2026 0 99 Views

रुद्रपुर: उत्तराखंड में लगातार जमीनी विवादों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले गदरपुर विधायक अरविंद पांडे की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं. प्रशासन ने अरविंद पांडे के कैंप कार्यालय को अवैध अतिक्रमण मानते हुए नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर हटाने के निर्देश दिए हैं. इसके लिए तहसील प्रशासन की टीम विधायक अरविंद पांडे के आवास पहुंची. जहां उनके बेटे को नोटिस थमाया.

नोटिस में क्या लिखा हैपूर्व कैबिनेट मंत्री व गदरपुर विधायक पांडे की कुछ दिनों से मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है. कभी उन पर लोगों की जमीन कब्जाने का आरोप लग रहा तो कभी भू माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लग रहा है. अब गदरपुर तहसील प्रशासन ने गूलरभोज स्थित उनके आवास में पहुंच कर उनके बेटे अतुल पांडे को नोटिस थमाया है. इस नोटिस में नैनीताल हाईकोर्ट में दायर याचिका 192/2024 (एमएस) सुनील यादव बनाम उत्तराखंड सरकार का हवाला दिया गया है.

इसमें बताया गया है कि हाईकोर्ट की ओर से 26 दिसंबर 2024 को पारित आदेश के अनुपालन में राजकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण की जांच करने पर गूलरभोज के खाता संख्या 64 के खसरा संख्या 12 ग रकबा 0.158 है, जो श्रेणी 5-1/ नई परती में अवैध अतिक्रमण पाया गया है. यह रकबा दो रास्तों के बीच है, जिनमें एक रास्ते के किनारे से सिंचाई विभाग की नहर होकर जाती है. इस रकबे पर अतिक्रमण चिन्हित किया गया है. जिसमें अतिक्रमणकर्ता का नाम अरविंद पांडे हैं.

नोटिस में आगे कहा गया है कि दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से सिविल याचिका संख्या 295/2022 में 13 नवंबर 2024 को पारित आदेश, याचिका (सिविल) संख्या 1294/2020 में 6 नवंबर 2024 को पारित आदेश और नैनीताल हाईकोर्ट में दायर याचिका संख्या 192/2024 में 26 दिसंबर 2024 को पारित आदेशों के अनुपालन में यह आदेश दिया गया है. इसके तहत 15 दिन के भीतर अतिक्रमण को स्वयं हटा लें. ऐसा न करने पर नियमानुसार कार्रवाई कर अतिक्रमण को ध्वस्त किया जाएगा.

क्या बोले समर्थक: वहीं, विधायक के समर्थक ने कहा कि यह विधायक अरविंद पांडे को फंसाने की साजिश है. इस बंजर भूमि में 10 साल से कैंप कार्यालय चल रहा है. इसी कैंप कार्यालय से उन्होंने पूर्व में कई अधिकारियों के साथ बैठक भी की है. अचानक से उक्त भूमि को अवैध बता कर अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी करना, कुछ दिनों से चल रहे खेल का पार्ट है. ऐसे में हो सकता है कि आगे भी विधायक के खिलाफ कोई नया मामला न सामने आ जाए.