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कॉर्बेट टाइगर रिजर्व ने पूरे किए 90 साल, विविध कार्यक्रमों के साथ मनाया स्थापना दिवस, वन्यजीव संरक्षण, जन-जागरूकता और मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकथाम का दिया संदेश

By on August 8, 2026 0 32 Views

रामनगर। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व ने अपने गौरवशाली सफर के 90 वर्ष पूरे कर लिए हैं। स्थापना दिवस के अवसर पर कॉर्बेट के विभिन्न क्षेत्रों में पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण, जन-जागरूकता, मानव-वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण और सामुदायिक सहभागिता से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए गए।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के 90वें स्थापना दिवस का आयोजन फील्ड डायरेक्टर डॉ. साकेत बडोला, आईएफएस और उप निदेशक राहुल मिश्रा, आईएफएस के निर्देशन में किया गया। गर्जिया और ढेला पर्यटन गेट समेत कई महत्वपूर्ण स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुए।

गर्जिया पर्यटन गेट पर बिजरानी रेंज, रामनगर वन प्रभाग, कोसी रेंज और कालागढ़ वन्यजीव प्रशिक्षण केंद्र के प्रशिक्षु वन आरक्षियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने स्थापना दिवस मनाया। पार्क वार्डन बिंदर पाल ने प्रतिभागियों को कॉर्बेट की समृद्ध जैव विविधता, बाघ संरक्षण और पारिस्थितिक महत्व की जानकारी दी।

कार्यक्रम के तहत स्कूली बच्चों और स्टाफ के बच्चों को गर्जिया और झिरना पर्यटन जोन का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। इसके बाद मानसून सीजन में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने और जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से फ्लैग मार्च निकाला गया।

धनगढ़ी पुल के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-309 पर वृहद स्वच्छता अभियान भी चलाया गया। अभियान के दौरान करीब 25 किलोग्राम कूड़ा एकत्र कर उचित निस्तारण के लिए वेस्ट वॉरियर्स संस्था को सौंपा गया।

मानसून को देखते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को अवैध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए विशेष गश्त, कॉम्बिंग, रात्रि एम्बुश और संयुक्त गश्त जैसी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर भी जोर दिया गया।

ढेला पर्यटन गेट पर भी विद्यार्थियों, शिक्षकों और वन विभाग के कर्मचारियों की सहभागिता में कार्यक्रम आयोजित हुआ। विद्यार्थियों को वन एवं वन्यजीव संरक्षण की जानकारी देने के साथ झिरना पर्यटन जोन का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। ढेला से सांवल्दे तक फ्लैग मार्च निकालकर मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने का संदेश दिया गया। सांवल्दे और ढेला पुल के आसपास वृहद स्वच्छता अभियान चलाकर करीब 30 किलोग्राम कूड़ा एकत्र किया गया।

रामनगर स्थित कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक सभागार में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विधायक रामनगर विधानसभा क्षेत्र दीवान सिंह बिष्ट और रामनगर ब्लॉक प्रमुख मंजू नेगी सहित वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

इस दौरान कॉर्बेट टाइगर रिजर्व द्वारा संचालित सिलाई प्रशिक्षण एवं उत्पादन केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं बोक्सा जनजाति की महिलाओं को सिलाई मशीनों के साथ प्रशिक्षण पूर्णता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर बढ़ाने के साथ महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम में भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान यानी IVRI से आए वरिष्ठ वैज्ञानिकों, हेल्थ एक्सपर्ट और पशु चिकित्सा छात्रों को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के टाइगर सेल से संबंधित जानकारी दी गई। पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान मानव-वन्यजीव संघर्ष, वन्यजीव रेस्क्यू, प्रबंधन और वन्यजीवों के स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

कॉर्बेट के 90 वर्ष पूरे होने का यह अवसर वन, वन्यजीव और मानव के बीच बेहतर सह-अस्तित्व की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का प्रतीक बना। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों, कर्मचारियों, प्रशिक्षु वन आरक्षियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और प्रकृति प्रेमियों ने वन्यजीव संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व ने इस अवसर पर संरक्षण की विरासत को आगे बढ़ाते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित, समृद्ध और संतुलित प्राकृतिक पर्यावरण के निर्माण का संकल्प दोहराया।