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महिला स्वास्थ्य जागरूकता के साथ मोटे अनाज को बढ़ावा, ‘उमा’ संगठन का 24 वें शिविर का आयोजन

By on June 28, 2026 0 4 Views

मसूरी। उत्तरांचल महिला संगठन उमा’ के तत्वावधान में 24वें महिला स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत अंतरराष्ट्रीय महिला स्वास्थ्य विचार गोष्ठी और मोटे अनाज से निर्मित पौष्टिक आहार व्यंजन प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भाग लिया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी तथा विशिष्ट अतिथि आयुष्मान भारत कार्यक्रम की निदेशक डॉ. सरोज नैथानी रहीं। दोनों अतिथियों ने महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने का संदेश दिया।

स्वास्थ्य विचार गोष्ठी में विशेषज्ञों ने महिलाओं में बढ़ते एनीमिया, कुपोषण और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों पर चिंता व्यक्त की। डॉ. सरोज नैथानी ने आयुष्मान भारत योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी देते हुए कहा कि स्वस्थ महिला ही स्वस्थ परिवार और समाज की आधारशिला है। वहीं, मीरा सकलानी ने कहा कि नगर पालिका महिलाओं के स्वास्थ्य और जागरूकता से जुड़े अभियानों में हरसंभव सहयोग करेगी।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मोटे अनाज से तैयार पौष्टिक व्यंजनों की प्रतियोगिता रही। प्रतिभागियों ने मंडुआ, झंगोरा, रामदाना और कोदा जैसे पारंपरिक अनाजों से विभिन्न व्यंजन तैयार किए। निर्णायकों ने मोटे अनाज को मधुमेह, मोटापा और कुपोषण जैसी समस्याओं से बचाव में उपयोगी बताते हुए इनके नियमित सेवन पर जोर दिया। प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित भी किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत नृत्यांगन डांस एकेडमी के बच्चों ने रंगारंग प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। एकेडमी की निदेशक इला पंत ने कहा कि महिला संगठन ‘उमा’ समाज में स्वास्थ्य जागरूकता के साथ-साथ संस्कृति और कला को भी बढ़ावा देने का सराहनीय कार्य कर रहा है।

संगठन की संस्थापक अध्यक्ष साधना शर्मा ने बताया कि ‘उमा’ पिछले 24 वर्षों से लगातार महिला स्वास्थ्य जागरूकता शिविर आयोजित कर रहा है। संगठन का उद्देश्य महिलाओं को स्वास्थ्य, पोषण और स्वावलंबन के प्रति जागरूक बनाना है। उन्होंने सभी सहयोगियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का समापन महिलाओं द्वारा मोटे अनाज को दैनिक जीवन में अपनाने तथा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने के संकल्प के साथ हुआ।