नीट अभ्यर्थियों की आत्महत्या पर राहुल गांधी का केंद्र पर हमला, कहा – टूटी और भ्रष्ट व्यवस्था की देन हैं ये मौतें
देहरादून। राजधानी देहरादून में नीट की तैयारी कर रही छात्रा रिया की आत्महत्या के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार और शिक्षा व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि सीकर के उमेश और देहरादून की रिया ने री-नीट के दबाव में अपनी जिंदगी खत्म कर ली। उन्होंने कहा कि 22 और 23 वर्ष के युवा, जिन्हें अपने सपनों को उड़ान देनी थी, वे एक अन्यायी व्यवस्था से हार गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि ये मौतें एक टूटी और भ्रष्ट व्यवस्था का परिणाम हैं तथा इसके लिए केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जिम्मेदार हैं। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय सरकार ने पेपर लीक, परीक्षा कुप्रबंधन और शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों को रोकने में विफलता दिखाई है।
राहुल गांधी ने कहा कि कोटा से एक ऐसे अभियान की शुरुआत की जाएगी, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी छात्र के सपने इस तरह न टूटें और किसी परिवार को अपने बच्चे को इस तरह न खोना पड़े। उन्होंने कहा कि हर परिवार का यह दर्द अब “छात्रों की गूंज” बनकर पूरे देश में सुनाई देगा।
देहरादून की छात्रा ने छोड़ा सुसाइड नोट
देहरादून की चंद्रमणि कॉलोनी निवासी 23 वर्षीय रिया नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी। वह पहले भी परीक्षा दे चुकी थी, लेकिन चयन नहीं होने के कारण मानसिक तनाव में थी। पुलिस के अनुसार, रिया ने आत्महत्या से पहले अपने माता-पिता के नाम एक भावुक सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें लिखा, “मम्मी-पापा, आई लव यू… पढ़ाई में सफलता नहीं मिलने के कारण मैं यह कदम उठा रही हूं।”
रिया के पिता सेना से सेवानिवृत्त हैं और कारगिल युद्ध में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

