60 घंटे बाद टंकी से उतरे नर्सिंग अभ्यर्थी, सरकार के आश्वासन पर एक महीने के लिए स्थगित हुआ आंदोलन
देहरादून: वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे नर्सिंग अभ्यर्थियों ने आखिरकार अपना धरना एक महीने के लिए स्थगित कर दिया। करीब 60 घंटे तक पानी की टंकी पर डटे रहे प्रदर्शनकारी सरकार की ओर से मिले आश्वासन के बाद नीचे उतर आए। इस दौरान ज्योति रौतेला समेत पांच लोग टंकी पर मौजूद थे।
नर्सिंग एकता मंच उत्तराखंड के बैनर तले अभ्यर्थी पिछले साढ़े पांच महीने से वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। मांगों पर ठोस निर्णय न होने से आंदोलन उग्र हो गया था और प्रदर्शनकारी सर्वे चौक स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। इससे प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था।
आंदोलन के दौरान एक प्रदर्शनकारी ने खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया था, जबकि नीचे बैठे सैकड़ों अभ्यर्थियों ने सड़क जाम कर विरोध जताया। कई आंदोलनकारियों की तबीयत भी बिगड़ गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा ने धरनास्थल पहुंचकर आंदोलनकारियों से बातचीत की थी। हालांकि पहले दौर की वार्ता में कोई समाधान नहीं निकल पाया था।
मंगलवार देर शाम सरकार की ओर से मांगों पर परीक्षण और सकारात्मक पहल का आश्वासन मिलने के बाद आंदोलनकारियों ने धरना फिलहाल एक महीने के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया। इसके बाद एसडीआरएफ और फायर सर्विस की मदद से टंकी पर चढ़े सभी प्रदर्शनकारियों को सुरक्षित नीचे उतारा गया।
टंकी से उतरने के बाद मौके पर मौजूद समर्थकों ने प्रदर्शनकारियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान गणेश गोदियाल समेत कई कांग्रेस नेता भी मौके पर मौजूद रहे।
वहीं, स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि नर्सिंग अभ्यर्थियों की ओर से दिए गए ज्ञापन और हिमाचल प्रदेश के शासनादेश का परीक्षण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार मांगों के सभी पहलुओं का अध्ययन कर रही है, हालांकि फिलहाल इस मुद्दे को कैबिनेट एजेंडे में शामिल नहीं किया गया है।

