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नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने उठाए पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर सवाल, सरकार से पूछा – मुनाफा कंपनियों का बोझ जनता पर क्यों ?

By on May 26, 2026 0 3 Views

देहरादून: नेता प्रतिपक्ष श्री Yashpal Arya ने देश में लगातार बढ़ती पेट्रोल-डीजल कीमतों को लेकर केंद्र सरकार और तेल कंपनियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में आम जनता, किसान, छोटे व्यापारी और मध्यम वर्ग महंगाई की दोहरी मार झेल रहे हैं, लेकिन तेल कीमतों की स्थिति ने हालात और गंभीर कर दिए हैं।

श्री आर्य ने कहा कि एक ओर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री द्वारा सरकारी तेल कंपनियों को प्रतिदिन लगभग 1000 करोड़ रुपये के घाटे में बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख तेल कंपनियों के वित्तीय आंकड़े इससे बिल्कुल अलग तस्वीर पेश करते हैं। उन्होंने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इन कंपनियों ने वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में लगभग 19,470 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 41 प्रतिशत अधिक है।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कंपनियां भारी मुनाफे में थीं तो अचानक घाटे की कहानी कैसे सामने आ गई। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और युद्ध का हवाला दिया जा रहा है, लेकिन इसका वास्तविक प्रभाव सीमित अवधि का ही रहा है, जबकि इसके बाद भी तेल कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।

श्री आर्य ने कहा कि 10 मई के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे यह आशंका मजबूत हो रही है कि सीमित अवधि के संभावित नुकसान की भरपाई सीधे जनता से की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कुछ दिनों के घाटे की भरपाई आम नागरिकों की जेब से की जाएगी, जबकि उससे पहले कंपनियां भारी मुनाफा कमा चुकी थीं।

उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों का असर केवल वाहन ईंधन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे परिवहन लागत, खाद्यान्न और सब्जियों की कीमतें, कृषि उत्पादन लागत और छोटे व्यवसायों पर सीधा असर पड़ता है। अंततः इसका बोझ हर घर के बजट पर पड़ता है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि सरकारी तेल कंपनियों का उद्देश्य केवल मुनाफा कमाना है या फिर कठिन समय में लोगों को राहत देना भी उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि तेल मूल्य निर्धारण में पारदर्शिता लाई जाए और वास्तविक स्थिति को जनता के सामने स्पष्ट किया जाए।

श्री यशपाल आर्य ने कहा कि लोकतंत्र में सरकारों का उद्देश्य जनता की सेवा होना चाहिए, न कि जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाकर कंपनियों के मुनाफे को सुरक्षित करना।