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बैट से पीटकर कुत्ते की ली जान तो महिला ने मेनका गांधी की मदद से ससुर-देवर पर दर्ज कराया केस, देखें वीडियो

By on July 3, 2022 0 430 Views

काशीपुर: आए दिन आदमियों में घटती संवेदनशीलता की खबरें सुनने को मिलती हैं। कभी कोई रील या टिकटाक बनाने के चक्कर में पशुओं की जान से खिलवाड़ करता है तो कभी कोई गाड़ी से मजे के लिए पशुओं को कुचल देता है। गर्भवती हथनी को खाद्य पदार्थनुमा बम खाने देने और मुंह में विस्फोट के बाद दर्दनाक मौत की घटना हम सभी को याद होगी। ऐसे ही काशीपुर में दो लोगों ने कुत्ते को बैट से पीटकर मार डाला। पुलिस द्वार चार माह तक मामले को लटकाया गया। बाद में महिला ने पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को मेल किया तब जाकर आरोपित के खिलाफ केस दर्ज हो पाया।

काशीपुर के कुंडा थाना क्षेत्र में की ग्राम कुदईंयावाला निवासी रेखा का कहना है कि चार महीने पहले कुंडा थाना पुलिस को तहरीर दी थी। कहा कि उसके पति पंकज कुमार सल्ट (अल्मोड़ा) में अध्यापक हैं और वह अपने ससुर सुरेंद्र सिंह के मकान के बगल में रहती है। उसके घर के आसपास एक कुत्ता टहलता था, जिसे वह अक्सर खाना देती थी। आरोप है कि 22 फरवरी को शाम करीब 7:40 बजे उसके ससुर सुरेंद्र और देवर अमित कुमार ने क्रिकेट बैट से कुत्ते को बेरहमी से मार डाला। यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई।

 

सीसीटीवी में रिकार्ड है पूरा घटनाक्रम 

काशीपुर में रहने वाी रेखा बतातीं हैं कि आज के दौर में पशुओं के प्रति क्रूरता बढ़ता जा रहा है। जिस प्रकार से चार माह से वह सिस्टम में एक मामले काे लेकर दौड़ रही है उससे वह निराश हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि कुत्ते के साथ हुई इस दरिंदगी सीसीटीवी में कैद होने के बाद भी मामले में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने थक हारकर इस पर आरोपित के शिक्षक पुत्र ने पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी से ई-मेल के माध्यम से संपर्क साधा। मेनका गांधी के हस्तक्षेप पर पुलिस ने शिकायतकर्ता शिक्षक के पिता और भाई के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

कानून में ऐसे अपराधियों पर है सख्त सजा 

पशुओं के साथ क्रूरता के मामले आए दिन हमारे सामने आते हैं। वह चाहे सड़क पर रहने वाले जानवर हो या फिर पालतू पशु सभी को क्रूरता झेलनी पड़ती है।  सबसे ज्यादा शहरी क्षेत्रों में कुत्ते को क्रूरता झेलनी पड़ती है। पशुओं के प्रति क्रूरता को लेकर सख्त कानून है लेकिन लोगों को इसके बारे में पता ही नहीं होता है और अनजाने में वह ऐसी गलती कर बैठते हैं और उन्हें बाद में सजा भुगतनी पड़ती है। आइपीसी की धारा 428, 429 और पीसीए एक्ट की धारा 11 के तहत अगर किसी भी जानवर का कोई मालिक है। यह धारा 428 और 429 के अंतर्गत आता है। धारा 428 के तहत पशुओं को मारना और जहर देना या उसे अपाहिज करने पर दो साल की कैद या दंड तथा दोनों दिया जा सकता है।