एसआईआर प्रक्रिया में खामियों का आरोप, कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
देहरादून। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर कांग्रेस ने निर्वाचन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। शुक्रवार को चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने एसआईआर के पहले चरण में हुई कथित त्रुटियों और दूसरे चरण की प्रक्रिया में अपनाई जा रही व्यवस्था पर आपत्ति दर्ज कराई।
कांग्रेस ने ज्ञापन में कहा कि पहले चरण में सामने आई कमियों और अनियमितताओं का समाधान किए बिना दूसरे चरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं और पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न खड़ा होता है।
पार्टी ने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर दावे और आपत्तियों की सुनवाई के लिए एक ही समय में दो अलग-अलग मतदान केंद्रों पर एक ही सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई है, जो विशेषकर पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों में व्यावहारिक नहीं है। इससे मतदाताओं की शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण में बाधा आने की आशंका जताई गई।
कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि मतदाताओं की मैपिंग के दौरान कई स्थानों पर गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं। पार्टी का कहना है कि पहाड़ी जिलों के ग्रामीण मतदान केंद्रों पर स्थानीय और स्थायी निवासियों के नामों पर बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज की गई हैं, जो तर्कसंगत नहीं हैं।
चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में कई स्तरों पर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। वहीं चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने आरोप लगाया कि अभियान के पहले चरण की शुरुआत के समय कई बूथ स्तर अधिकारियों (बीएलओ) को पर्याप्त जानकारी तक उपलब्ध नहीं कराई गई। कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से इन सभी आपत्तियों का परीक्षण कर निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की है।

