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प्रदेश ग्राम प्रधान संगठन ने 12 सूत्रीय मांगों को लेकर रामनगर विकास खंड रामनगर में प्रदर्शन करते हुए तालाबंदी की।

By on July 5, 2021 0 356 Views

रामनगर।(नाजिम सलमान) प्रदेश ग्राम प्रधान संगठन की ओर से 12 सूत्रीय मांगों को लेकर रामनगर के ग्राम प्रधानों ने विकास खंड रामनगर में धरना प्रदर्शन करते हुए तालाबंदी की और मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है सोमवार को ग्राम प्रधान संगठन की अध्यक्ष मिथलेश डंगवाल के नेतृत्व में अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर ग्राम प्रधान विकास खंड परिसर में धरने पर बैठें और उन्होंने तालाबंदी भी की।उन्होंने सरकार को चेताया कि उनकी मांगों को पूरा किया जाए।उन्होंने कहा कि कॉमन सर्विस सेंटर ( सीएससी ) को 2500 प्रतिमाह प्रत्येक ग्राम पंचायत से दिए जाने का आदेश शीघ्र वापस लिया जाय। प्रत्येक ग्राम पंचायत स्वयं अपने काम करने में सक्षम है।15 वें वित्त में हो रही भारी कटौती पर शीघ्र रोक लगाई जाए और पूर्व की भांति 15वें वित्त में कंटीन्जेसी की राशि 10% रखी जाए।बताया कि 73वें संविधान संशोधन के प्रावधानों को लागू करते हुए 29 विषयों को शीघ्र ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए।ग्राम प्रधानों का मानदेय 1500 से बढ़ाकर 10000 किया जाए और 5000 मासिक पेंशन के रूप में दिया जाय।मनरेगा के कार्य दिवस प्रति परिवार 100 दिन से बढ़ाकर 200 दिन प्रतिवर्ष किया जाय। ताकि कोविड की महामारी से पंचायतों में बेरोजगारी बढ़ चुकी है।जिससे उन्हें रोजगार दिया जा सके।ग्राम पंचायतों में पंचायतों के जेई एवं कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति शीघ्र की जाय। जिससे ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों में गति प्राप्त हो।ग्राम विकास विभाग एवं ग्राम पंचायत विभाग का पूर्व की भांति एकीकरण किया जाय। जिससे कम से कम ग्राम पंचायतें एक ग्राम विकास अधिकारी/ग्राम पंचायत अधिकारी को मिल सके विधायक निधि/सांसद निधि को आधार मानते हुए, ग्राम पंचायतों को भी 5 लाख रुपये प्रतिवर्ष ग्राम पंचायत निधि की व्यवस्था की जाय। जिसे ग्राम पंचायत अपने स्तर से विकास कार्यों में खर्च कर सके।ग्राम पंचायत को आपदा मद से प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये की धनराशि दी जाय। जिससे कि ग्राम पंचायतों में दैवीय आपदा से हुए सरकारी संपत्ति, व ग्रामीणों को व्यक्तिगत हुए नुकसान के लिए आर्थिक सहायता व निर्माण कार्य हो सके।ग्राम पंचायत में किसी भी विभाग द्वारा किए जाने वाले विकास कार्य एवम अन्य कार्य में ग्राम पंचायत की खुली बैठक का प्रस्ताव एवं अनुमति क़ो अनिवार्य किया जाये। जिससे कि विवाद उतपन्न ना हो।प्रधानमंत्री आवास योजना में तहत चयनित ग्राम पंचायतों के लाभार्थियों को अतिशीघ्र धनराशि दी जाय और फरवरी 2019 के बाद बंद हुई आवासों की ऑनलाइन प्रक्रिया दुबारा शुरू की जाय। ताकि अन्य पात्र व्यक्तियों को भी इस योजना का लाभ मिल सके।कोरोना संक्रमण के कारण ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 2 वर्ष बढ़ाया जाय।कहा कि ग्राम पंचायते विगत 2 वर्षों से कोरोना वैश्विक आपदा महामारी के संक्रमण से जूझ रही है जिस प्रकार 1995 में उत्तराखंड मे भूकंप की आपदा के समय पर ग्राम पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाया गया था उसी तर्ज पर इस बार भी 1 वर्ष का कार्यकाल ग्राम पंचायतों का बढ़ाया जाय।इस दौरान प्रधान इमरान खान,प्रधान हज्जन नरगिस जहाँ,ग्राम प्रधान रूपा देवी,प्रधान हेमा बिष्ट,संजय कुमार,बब्बू चौधरी, नवीन सती,अनिल कुमार, फ़ातिमा बेग़म, सुनीता देवी, मदन राम,देवेंद्र सिंह, राहुल डंगवाल, शक़ील अहमद आदि मौजूद रहे।