तो क्या चुनाव जीतने के बाद यशपाल होंगे कांग्रेस के सीएम? पढ़िये कुछ दिन पहले क्या बोले थे हरीश रावत…
देहरादून: उत्तराखंड में तेजी से सियासी घटनाक्रम बदल रहा है। 2017 में विधानसभा चुनाव में भाजपा में शामिल होने वाले कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य व विधायक संजीव आर्य कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। दोनों ने आज राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला और प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव की उपस्थिति में प्रेस कांफ्रेंस करके विधिवत कांग्रेस की सदस्यता ली। कांग्रेस चुनाव अभियान अध्यक्ष हरीश रावत भी मौके पर मौजूद रहे। हरदा के दलित सीएम उम्मीदवार की घोषणा से राजनीतिक गलियारे में इसकी सुगबुगाहट तेज हो गई थी। माना जा रहा है की अगर उत्तराखंड मे कांग्रेस बहुमत लाती है तो, हरीश रावत की जुबान से निकली बात सच साबित हो सकती है।
आपको बता दें समाज कल्याण मंत्री व बाजपुर से विधायक यशपाल आर्य व उने बेटे संजीव आर्य नैनीताल विधानसभा सीट से विधायक है। दोनों ने 2017 में कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थामा था। तब भाजपा ने दोनों को प्रत्याशी भी बनाया था। दोनों ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद भाजपा सरकार ने यशपाल आर्य को कैबिनेट मंत्री बनाया। अब 2022 के विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके लिए राज्य में सियासी घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं।
हरीश की हसरत होगी पूरी ?
आपको बता दें बीते 20 सितंबर को हरीश रावत ने ‘परिवर्तन यात्रा’ रैली में कहा था की कि वह उत्तराखंड का मुख्यमंत्री किसी दलित को बनते देखना चाहते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री का यह बयान पंजाब कांग्रेस द्वारा एक दलित को राज्य का मुख्यमंत्री चुनकर इतिहास रचने के कुछ दिनों बाद आया था। आपको बता दें कि उत्तराखंड की आबादी का करीब 18 फीसदी हिस्सा दलितों की संख्या का है। हरीश रावत ने ये भी कहा था की “महाभारत में अभिमन्यु की तरह, मैं जाल में फंस सकता हूं। मैं तभी चुनाव लड़ूंगा, जब आलाकमान मुझसे ऐसा बोलेगा। मैं नहीं चाहता कि मेरी वजह से पार्टी में कोई विवाद हो। मैंने 2002, 2007 और 2012 में भी चुनाव नहीं लड़ा था। इस बार मैं 2002 की तरह ही काम करना चाहता हूं.” उत्तराखंड मे हरदा के दलित सीएम उम्मीदवार की घोषणा के बाद कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य व विधायक संजीव आर्य के कांग्रेस मे शामिल होने से राजनीतिक गलियारे में सुगबुगाहट तेज हो गई है। माना जा रहा है की अगर उत्तराखंड मे कांग्रेस बहुमत लाती है तो, हरीश रावत की जुबान से निकली बात सच साबित हो सकती है और कांग्रेस यशपाल के सर पर ताज पहना सकती है।

