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तराई पश्चिमी वन प्रभाग की सख्त निगरानी से खनन राजस्व में ऐतिहासिक बढ़ोतरी

By on June 21, 2026 0 2 Views

रामनगर। तराई पश्चिमी वन प्रभाग की प्रभावी निगरानी, सतत निरीक्षण और अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई के चलते वर्ष 2025-26 के खनन सत्र में राजस्व संग्रह में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। वन विभाग की सक्रिय निगरानी व्यवस्था के कारण न केवल खनन कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित हुआ, बल्कि राजस्व हानि पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया।

रामनगर वन प्रभाग के अंतर्गत कोसी नदी में संचालित पांच तथा दाबका नदी में संचालित एक खनन निकासी गेट पर अक्टूबर 2025 से 19 जून 2026 तक उत्तराखंड वन विकास निगम द्वारा उपखनिज निकासी का कार्य किया गया। इस अवधि में वन विभाग ने नियमित गश्त, आकस्मिक निरीक्षण, रात्रिकालीन चेकिंग, निकासी गेटों पर अभिलेखों के सत्यापन और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी की व्यवस्था लागू की।

विभाग ने यह सुनिश्चित किया कि उपखनिज का परिवहन केवल वैध प्रपत्रों और निर्धारित सीमाओं के भीतर ही किया जाए। साथ ही अवैध खनन, अवैध परिवहन तथा निर्धारित क्षेत्र से बाहर संचालित खनन गतिविधियों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया गया। इस दौरान कई वाहनों को सीज कर कानूनी कार्रवाई की गई तथा अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की गई।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में कोसी और दाबका नदियों से कुल 5,05,053.98 घनमीटर उपखनिज निकाला गया, जिससे 4 करोड़ 54 लाख 54 हजार 858 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। वहीं वर्ष 2025-26 में उपखनिज निकासी बढ़कर 10,87,997.68 घनमीटर पहुंच गई और राजस्व संग्रह 9 करोड़ 79 लाख 19 हजार 791 रुपये दर्ज किया गया।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार राजस्व में यह उल्लेखनीय वृद्धि प्रभावी निगरानी, पारदर्शी संचालन और अवैध खनन पर कठोर नियंत्रण का परिणाम है। विभाग ने भविष्य में भी इसी प्रकार की निगरानी व्यवस्था जारी रखने का भरोसा जताया है, ताकि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ सरकारी राजस्व में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।