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धामी सरकार की कार्य संस्कृति से हो रहा है सकारात्मक परिवर्तन, नो पेंडेंसी वर्क कल्चर को अपनाने की शुरुआत मुख्यमंत्री धामी ने स्वयं से की।

By on September 15, 2021 0 312 Views

(गिरीश चन्द्र शर्मा) उत्तराखण्ड मुख्यमंत्री के मीडिया समन्वयक राजू बिष्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखण्ड में धामी सरकार के ‘वर्क कल्चर’ से सकारात्मक परिवर्तन हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के आम लोग भी महसूस कर रहे हैं कि सरकारी तंत्र में उनकी सुनवाई होने लगी है। उन्होंने कहा कि धामी सरकार में प्रशासन मुस्तैद है और जनसमस्याओं के समाधान पर जोर दे रहा है। सभी अधिकारी आम लोगों की समस्याओं का निस्तारण कर रहे हैं। सीएम के मीडिया कोऑर्डिनेटर राजू बिष्ट ने कहा कि कार्य संस्कृति में हो रहा यह परिवर्तन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दृढ़ इच्छाशक्ति से संभव हुआ है। पहले उत्तराखण्ड के नौकरशाह अपनी बेलगामी के लिए चर्चाओं में रहते थे। जनता को उनसे मिलना बड़ा मुश्किल काम था। ऐसे में समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता था। प्रशासन हो या शासन, जनहित से जुड़े मुद्दों की फाइलें अधिकारियों के टेबिल पर धूल फांकती थी। धामी सरकार ने सत्ता की बागडोर संभालते ही इस कार्य संस्कृति को बदलने का बीड़ा उठाया। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जनता उपेक्षित नहीं रहेगी। अब अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर होगी। उन्होंने तहसील से लेकर शासन तक के अधिकारियों के रोजाना दो घण्टे (सुबह 10 बजे से 12 बजे तक) जनता के लिए निर्धारित कर दिए। व्यवस्था बना दी कि इस दौरान अधिकारी सिर्फ आम लोगों से मिलेंगे। मुद्दे और मांगों को अब लटकाया-अटकाया नहीं जाएगा बल्कि उन्हें हल किया जाएगा। इसके लिए कार्य संस्कृति में बदलाव के सूत्रवाक्य ‘सरलीकरण, समाधान और निस्तारण’ का भी उन्होंने ऐलान कर दिया।

धामी सरकार ने दो टूक शब्दों में अफसरों से कहा कि तहसील से लेकर राज्य सचिवालय तक जिस अधिकारी का जो अधिकार है वो उसके अन्तर्गत आने वाली समस्याओं का तत्काल निस्तारण करे। अनावश्यक उसे उच्च अधिकारियों को रेफर न करे। साथ में जवाबदेही तय करते हुए चेताया है कि लंबित मामले मिलने पर सम्बंधित अफसर को नाप दिया जाएगा। सबसे बड़ी बात यह है कि ‘नो पेंडेंसी’ वर्क कल्चर को अपनाने की शुरुआत मुख्यमंत्री धामी ने खुद से की है। सुबह 6 बजे से लेकर देर रात तक जब भी समय मिलता है वो अपनी मेज पर रखी फाइलों का निस्तारण करते हैं। इतना ही नहीं सीएम धामी ने अपने ग्राउण्ड विजिट भी बढ़ाए हैं। पिछले 5 दिनों में 4 जिलों का दौरा कर चुके हैं। बरसात का मौसम होने के बावजूद वह विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले प्रदेश में संतुलित विकास की अवधारणा को सच कर रहे हैं। मुख्यमंत्री धामी ने एक ध्येय बनाया है कि उनकी सरकार जो भी घोषणा करेगी वो जरूर पूरी होगी। तय किया जा चुका है कि हर घोषणा का शासनादेश, शिलान्यास और फिर लोकार्पण होगा। कोई घोषणा हवा में नहीं तैरेगी। समाज का ऐसा कोई वर्ग नहीं (किसान, विद्यार्थी, कर्मचारी, शिक्षक, व्यापारी, महिला, बुजुर्ग और युवा) कि जिनकी जायज मांगों को सीएम धामी ने पूरा न किया हो, जबकि बतौर मुख्यमंत्री उनका अभी महज सवा दो माह का ही कार्यकाल हुआ है।

मुख्यमंत्री धामी का ऑन स्पॉट फैसले लेने का यह अंदाज उन्हें बाकी मुख्यमंत्रियों से अलग बनाता है। जनता को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा कि कार्य संस्कृति और इच्छाशक्ति के बूते सीएम धामी पर लगातार जनविश्वास बढ़ता जा रहा है ।