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आपदा प्रभावितों की उपेक्षा के खिलाफ कांग्रेस का उपवास, हरीश रावत, गणेश गोदियाल सहित कांग्रेस के कई बड़े नेता धरने पर

By on October 29, 2021 0 318 Views

देहरादून: पूर्व मुख्यमंत्री और चुनाव प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष हरीश रावत व कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गणेश गोदियाल अपने समर्थकों के साथ सचिवालय के बाहर सड़क पर धरने पर बैठे। कांग्रेस की मांग है कि हाल ही में भारी बारिश व अतिवृष्टि से कुमांऊ व गढ़वाल मंडल में भारी जनहानि व आर्थिक नुकसान हुआ। हजारों लोग बेघर हो गए हैं। प्रदेश सरकार इस प्राकृतिक आपदा को लेकर गंभीर नहीं है।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मीडिया से बातचीत में सरकार पर हमला बोला। कहा कि प्रदेश की जनता आपदा से करा रही है और पूरी सरकार व मशीनरी गृहमंत्री अमित शाह की दून में प्रस्तवित रैली की तैयारियों में जुटी है, जो प्रदेश की जनता के साथ मजाक है। सचिवालय रोड पर धरने से पहले कांग्रेस नेता व कार्यकर्त्ता राजपुर रोड स्थित कांग्रेस भवन से विरोध प्रर्दशन के साथ निकले। कांग्रेसियों ने प्रदेश सरकार व केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। धरना स्थल पर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय भी भाजपा राजनीति करने से बाज नहीं आ रही है जो घोर निंदनीय है।

भीषण दैवीय आपदा जानमाल का भारी नुकसान हुआ

उपाध्यक्ष एवं मीडिया सलाहकार सुरेंद्र कुमार ने बताया कि 17, 18 एवं 19 अक्तूबर को राज्य के विभिन्न स्थानों पर भीषण दैवीय आपदा आने के कारण कई लोेगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। जानमाल का भारी नुकसान हुआ था। कांग्रेस के तमाम नेताओं ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। कांग्रेस ने सरकार से पांच दिन में आपदा पीड़ितों को राहत पहुंचाने की मांग की थी, लेकिन राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में अब तक जरूरी कदम नहीं उठाए गए हैं। इसलिए पार्टी आज धरना-उपवास के माध्यम से सरकार को जगाने का काम कर रही है।

 900 करोड़ रुपये के नुकसान का प्राथमिक आकलन

आपदा में मरने वाले लोगों का आंकड़ा 77 पहुंच गया है। विभागों की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर 900 करोड़ रुपये के नुकसान का प्राथमिक आकलन किया गया है। 232 से अधिक परिसंपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। क्षति का आंकड़ा और भी बढ़ने के आसार हैं।

नैनीताल में सर्वाधिक 35 लोगों की मौत

आपदाग्रस्त जिलों में नैनीताल में सर्वाधिक 35 लोगों की मौत हुई है, जबकि पांच घायल हैं। अल्मोड़ा में छह मौत, दो घायल, चंपावत में 11 मौत, चार घायल, बागेश्वर में चार मौत, यूएस नगर में दो मौत, तीन घायल, पौड़ी में तीन मौत, दो घायल, पिथौरागढ़ में तीन मौत, दो घायल, चमोली में एक मौत, चार घायल और उत्तरकाशी में दस लोगों की मौत, जबकि दो लोग घायल हुए हैं।

चार सौ से अधिक सरकारी स्कूलों को नुकसान

उत्तराखंड में भारी बारिश चार सौ से अधिक सरकारी स्कूलों को भी नुकसान पहुंचने का अनुमान है। नैनीताल, अल्मोड़ा और बागेश्वर में सबसे अधिक स्कूल भवनों को नुकसान पहुंचा है। प्रदेश में आपदा से खेती किसानों को लगभग 97 करोड़ का नुकसान होने का अनुमान है।