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SIR जागरूकता अभियान में अधूरी तैयारी पर भड़के डीएम आशीष चौहान, अधिकारियों को लगाई फटकार

By on June 11, 2026 0 15 Views

देहरादून। उत्तराखंड में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के बीच देहरादून में आयोजित जनजागरूकता कार्यक्रम में अधूरी तैयारियां सामने आने पर जिलाधिकारी आशीष चौहान नाराज हो गए। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि भविष्य में केवल औपचारिकता निभाने के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित न किए जाएं।

जागरूकता वाहन को दिखानी थी हरी झंडी

एसआईआर अभियान के तहत मतदाताओं को जागरूक करने के लिए आईटी पार्क के पास एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के अनुसार जिलाधिकारी आशीष चौहान को जनजागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करना था, जो जिलेभर में अभियान का प्रचार-प्रसार करता।

अधूरी तैयारी देख नाराज हुए डीएम

कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद जिलाधिकारी ने तैयारियों का जायजा लिया, जहां कई व्यवस्थाएं अधूरी मिलीं। इस पर उन्होंने अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई और स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यक्रमों में आधी-अधूरी तैयारी स्वीकार नहीं की जाएगी।

हालांकि, उन्होंने अधिकारियों को संयमित तरीके से समझाते हुए भविष्य में पूरी तैयारी और बेहतर समन्वय के साथ कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।

जनभागीदारी पर दिया जोर

डीएम आशीष चौहान ने कहा कि एसआईआर जैसे महत्वपूर्ण अभियान में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना जरूरी है। इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम प्रभावी, व्यवस्थित और उद्देश्यपूर्ण होने चाहिए, ताकि आम नागरिक अभियान की जानकारी प्राप्त कर उसमें सहयोग कर सकें।

जिम्मेदारी के साथ काम करने का संदेश

हाल ही में देहरादून जिले की कमान संभालने वाले डीएम आशीष चौहान लगातार प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं। सड़क गड्ढों से लेकर आम जनता की समस्याओं तक वे अधिकारियों को नियमित निर्देश दे रहे हैं।

इस मौके पर उन्होंने यह भी स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों को केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ क्रियान्वित किया जाए।

फर्जी और डुप्लीकेट मतदाताओं की होगी पहचान

गौरतलब है कि उत्तराखंड में एसआईआर अभियान के तहत मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण किया जा रहा है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य फर्जी, डुप्लीकेट और मृत मतदाताओं के नाम हटाकर मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाना है।