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हरीश रावत ने अपने बचपन की कुछ यादें अपने फेसबुक पेज पर..

By on August 10, 2021 0 310 Views

यादों_का_सिलसिला
जब आप मन को कुरेदते हैं तो यादों का एक सिलसिला चल पड़ता है। मैं छोटा बच्चा था, तब मैं 5-6 साल का रहा हूंगा। किसी बात में मुझे डाट पड़ गई तो मैं नाराज होकर के एक पिरूल के ढेर में छिप गया, बड़ी आवाजें लगी। नैनिहाल नजदीक में था। मैं भागकर के बहुधा नैनिहाल में अपनी माँ की माँ चंद्रा अम्मा की गोद में चला जाता था। वहाँ मुझे खाने के लिए गुड़-घी बहुत अच्छी-अच्छी चीजें मिलती थी, तो लोगों ने समझा कि वहीं गया होगा, वहां आवाज लगाई उन्होंने कहा यहां नहीं आया है तो मेरी चारों तरफ खोज होने लगी कि मैं गया कहाँ! जहाँ मैं छिपा पड़ा था, उसके बगल में आकर के एक बड़ी सी #बिल्ली बैठ गई। मैं पूरी बिल्ली तो देख नहीं पाया, लेकिन उसकी कुछ धारियां जैसी दिखाई दी तो मुझे लगा बाघ आ गया और मैं डर के मारे बिल्कुल चुप-चाप, शायद सास तक नहीं ले रहा था कि कहीं बाघ मुझ पर झपट न पड़े, उसी समय मेरी एक चाची घोठ में #गाय-भैसों को घास (चारा) देने के लिए आयी तो मुझे वहीं मौका लगा। मैंने कहा “काकी_मैं_यां_छौं” मतलब चाची मैं यहां हूँ तो चाची ने सबसे कहा हरीश तो यहाँ छिपा है, तब तक वो बिल्ली भाग गई, क्योंकि जब बिल्ली ने आवाज सुनी और उधर चाची की आवाज सुनी तो, बिल्ली तो भाग गई, लेकिन मैं पकड़ में आ गया और उस दिन मेरी बड़ी पिटाई हुई कि तुमने सबको परेशान कर दिया करके, और भी बहुत सारी बचपन की यादे हैं, मैं उनको भी जल्दी ही आपके साथ साझा करूंगा।