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कुंभ 2027 से पहले अखाड़ों की गुटबाजी आई सामने ! शहरी विकास मंत्री की बैठक में कई प्रमुख अखाड़े रहे नदारद…

By on July 1, 2026 0 7 Views

हरिद्वार। वर्ष 2027 में प्रस्तावित हरिद्वार कुंभ मेले की तैयारियों के बीच अखाड़ों की अंदरूनी राजनीति एक बार फिर खुलकर सामने आ गई। सोमवार को मेला नियंत्रण भवन में शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा की अध्यक्षता में आयोजित कुंभ तैयारियों की बैठक में सभी 13 अखाड़ों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन बैठक में केवल नौ अखाड़ों के प्रतिनिधि ही पहुंचे। बैठक के दौरान आह्वान अखाड़े के महामंत्री सत्य गिरी महाराज सभागार से बाहर निकल गए, जिससे अखाड़ों के बीच चल रही गुटबाजी चर्चा का विषय बन गई।

जानकारी के अनुसार बैठक में महानिर्वाणी, निर्मोही, निर्वाणी, दिगंबर, निर्मल, नया, बड़ा और अटल अखाड़ों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। ये वही आठ अखाड़े हैं जिन्होंने दो दिन पहले कनखल में बैठक कर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की नई कार्यकारिणी के गठन की घोषणा की थी। दूसरी ओर जूना, अग्नि और आह्वान अखाड़े के प्रतिनिधि बैठक में शामिल नहीं हुए।

आह्वान अखाड़े के महामंत्री सत्य गिरी महाराज ने कहा कि वर्तमान में अखाड़ा परिषद का कोई वैध अस्तित्व नहीं है। उनके अनुसार परिषद का गठन सभी 13 अखाड़ों की सहमति से होता है और जब जूना तथा अग्नि अखाड़े के प्रतिनिधि बैठक में मौजूद नहीं थे तो उनका शामिल होना भी उचित नहीं था। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें हरि गिरी महाराज और श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज का फोन आया था।

बैठक में कुंभ मेलाधिकारी सोनिका, आईजी कुंभ योगेंद्र सिंह रावत, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी दी और साधु-संतों से कुंभ मेले के सफल आयोजन को लेकर सुझाव भी लिए।

शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने अखाड़ों में किसी तरह की नाराजगी या गुटबाजी से इनकार करते हुए कहा कि कुछ संत हरिद्वार से बाहर होने के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार सभी अखाड़ों के सहयोग और सुझावों के साथ वर्ष 2027 का दिव्य एवं भव्य कुंभ आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि बैठक में बैरागी अखाड़ों के लिए भूमि आवंटन सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने दावा किया कि साधु-संतों में कोई मतभेद नहीं है और आगामी बैठकों में सभी अखाड़ों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

वहीं निर्मोही अखाड़े के श्रीमहंत राजेंद्र दास ने कहा कि आठ अखाड़ों की सहमति से अखाड़ा परिषद की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से वर्ष 2027 का हरिद्वार कुंभ सफल और ऐतिहासिक होगा।

दूसरी ओर श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने मेला प्रशासन से सभी 13 अखाड़ों को समान महत्व देने की अपील करते हुए कहा कि अखाड़ों के अंदर पदों को लेकर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन कुंभ मेले के आयोजन में सभी अखाड़ों के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए।