5 साल में 5 बार केदारनाथ आ चुके हैं पीएम मोदी, इस बार बद्रीनाथ के भी करेंगे दर्शन, जानिए PM मोदी के 21 और 22 अक्तूबर के प्रस्तावित कार्यक्रम…
देहरादून: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 अक्तूबर को बदरीनाथ में रात्रि विश्राम करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से शासन को उनके आगमन का कार्यक्रम मिल गया है। उसी हिसाब से सरकार ने तैयारी भी तेज कर दी है।
यह है पीएम मोदी का प्रस्तावित कार्यक्रम
21 अक्तूबर
केदारनाथ में प्रधानमंत्री का कार्यक्रम
- सुबह करीब 30 बजे- दर्शन और पूजन, 9 बजे- केदारनाथ रोप-वे का शिलान्यास, 9.10 बजे- शंकाराचार्य समाधि दर्शन, 9.25 बजे – मंदाकिनी आस्था पथ का निरीक्षण करेंगे। साथ ही मजदूरों से बात करेंगे।
- 45 बजे- सरस्वती आस्था पथ का निरीक्षण करेंगे और श्रमजीवियों से मुलाकात करेंगे।
- इसके बाद प्रधानमंत्री बदरीनाथ के लिए प्रस्थान करेंगे। सुबह करीब 25 बजे- बदरीनाथ हेलीपैड पहुंचेंगे 11.30 बजे- बदरीनाथ मंदिर में पूजा अर्चना।
- दोपहर करीब 05 बजे- साकेत चौक के पास मास्टर प्लान के तहत हो रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण करेंगे। 12.30 बजे- माणा गांव में लोगों को संबोधित करेंगे।
- 2 बजे – बदरीनाथ रोप-वे प्रोजेक्ट का शिलान्यास करेंगे व अन्य निर्माण कार्यों को देखेंगे।
- शाम करीब 5 या 40 बजे- बदरीनाथ में होने वाले निर्माण और होटल की थीम का प्रस्तुतिकरण। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बदरीनाथ में ही रात्रि विश्राम करेंगे।
22 अक्तूबर का पीएम मोदी का कार्यक्रम
- सुबह करीब 15 बजे- होटल से बदरीनाथ हेलीपैड जाएंगे।
- सुबह करीब 25 बजे- हेलीकॉप्टर से देहरादून के लिए रवाना होंगे।
पांच साल में पांच बार केदारनाथ आ चुके हैं पीएम मोदी
प्रधानमंत्री बनने के बाद सबसे पहले पीएम मोदी पहली बार 3 मई, 2017 को केदारनाथ पहुंचे थे. इसके बाद पीएम मोदी 20 अक्टूबर को फिर से केदारनाथ पहुंचे थे. उस दौरान उन्होंने केदारनाथ पुनर्निर्माण के लिए 700 करोड़ रुपये की पांच बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास किया था. इसके बाद पीएम मोदी 7 नवंबर, 2018 को तीसरी बार केदारनाथ पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने पुनर्निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया था. पीएम मोदी चौथी बार 18 मई 2019 को बाबा केदारनाथ धाम पहुंचे थे. 5 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांचवीं बार केदारनाथ धाम आए थे. इस बार उन्होंने केदारनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की. इसके अलावा उन्होंने आदि गुरु शंकराचार्य की 12 फीट लंबी और 35 टन वजन वाली प्रतिमा का अनावरण किया. साथ ही 130 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया.

