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चारधाम यात्रा मे यात्री बेहाल, रजिस्ट्रेशन बना जी का जंजाल ? विपक्ष का तंज़ व्यवस्थायेँ बदहाल…

By on May 16, 2022 0 209 Views

देहरादून: दो वर्ष कोरोना महामारी से प्रभावित रही उत्तराखंड मे चारधाम यात्रा इस बार शुरुआत से ही पूरे उरुज पर है । स्थिति यह है कि यात्रा के शुरुआती दिनों में ही बीते वर्षों के सारे रिकार्ड ध्वस्त हो गए। 15 मई तक तक चारों धाम में पांच लाख 14 हजार 129 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इनमें सर्वाधिक 186668 श्रद्धालु केदारनाथ पहुंचे। जबकि, बदरीनाथ में 136972, गंगोत्री में 103429 और यमुनोत्री में 87060 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इस वर्ष तीन मई को गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ चारधाम यात्रा शुरू हुई। जबकि, छह मई को केदारनाथ और आठ मई को बदरीनाथ धाम के कपाट खोले गए। यानी बदरीनाथ धाम के कपाट खुले आठ, केदारनाथ के दस और गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुले अभी सिर्फ 13 दिन ही हुए हैं और इस अवधि में चारधाम यात्रा के इतिहास में सर्वाधिक श्रद्धालु दर्शनों को पहुंच चुके हैं।

लेकिन आपको बता दें की चारधाम यात्रा मे श्रद्धालुओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.  बाहर से आए तीर्थ यात्री व्यवस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं यात्रियों का कहना है की हम परेशान हो चुके हैं यहाँ रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है हम कई दिनों से इंतेजार मे हैं कुछ श्रद्धालु पंजीकरण न होने के के कारण लौट के भी जा रहे हैं। वहीं यात्रीओन का कहना है की पहले ही स्थिति साफ करनी चाहिए थी की बिना रजिस्ट्रेशन के दर्शन नहीं करने दिये जाएंगे अब हम परेशान हो रहे हैं। हम जाएँ तो कहाँ जाएँ । अब हाल ये है की बिना रजिस्ट्रेशन के यात्रियों को रोका जा रहा है और रजिस्ट्रेशन फूल हैं। तीर्थ यात्री ये भी आरोप लगा रहे हैं की उन्हे महंगे दामो पर सामान दिया जा रहा है। आपको बता दें की अब तक 32 से ज़्यादा तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है

वहीं विपक्ष भी लगातार यात्रा को लेकर हमलावर हो रहा है कांग्रेस का कहना है की ये तीर्थयात्रियों को पहले ही बता दिया जाना चाहिए था की बिना रजिस्ट्रेशन के दर्शन नहीं करने दिये जाएँगे अब यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और अवयवथाओं मे इजाफा हो रहा है कांग्रेस का कहना है की नए नए आदेशों से तीर्थयात्री परेशान और भ्रमित हो रहे हैं।  वहीं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज दुबई दौरे से लौट चुके हैं उनका कहना है की कैपिसिटी देखकर ही तीर्थयात्री जाएँ । तीर्थयात्रियों की मौतों पर मंत्री का कहना है की डॉक्टर से परामर्श कराकर ही आयें।  और यात्री धैर्य का परिचय दें।

अब सवाल ये उठता है की यात्रा मार्गों पर फैली अवयवस्थाओं का जिम्मेदार कौन है ? सवाल ये है की यात्रीओन को सही जानकारी क्यों नहीं दी रही, रजिस्ट्रेशन क्यों बंद किए जा रहे हैं ? यात्रियों को महंगे दामों पर समान क्यों अपलब्ध कराया जा रहा है? और सबसे बड़ा सवाल ये है की तीर्थ यात्रियों की परेशानी कब दूर होगी ? सवाल ये भी बंता है की यात्रा के दौरान मंत्री दुबई दौरे पर क्यों गए ?

2014 से अब तक शुरुआती 12 दिनों में चारों धाम पहुंचे श्रद्धालु

वर्ष – 12 दिन में

2014- 30075

2015- 60435

2016- 235378

2017- 264542

2018- 255509

2019- 373471

2020- (कोरोना के चलते यात्रा स्थगित रही)

2021- (कोरोना के चलते यात्रा औपचारिक रही)

2022- 514129