उत्तराखंड : 8 अक्टूबर को इंडिया गठबंधन का मार्च, मुख्य चुनाव आयुक्त की गिरफ्तारी की मांग उठाएगा गठबंधन
देहरादून। विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने उत्तराखंड में आंदोलन तेज करने का फैसला किया है। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में शनिवार को प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की अध्यक्षता में इंडिया गठबंधन के घटक दलों की बैठक हुई। बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।
बैठक के बाद गणेश गोदियाल ने कहा कि इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण के नाम पर मतदाता सूची से पात्र लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं और अपात्र लोगों के नाम जोड़े जा रहे हैं। उन्होंने इसे संविधान की भावना के विपरीत बताते हुए कहा कि गठबंधन इस मुद्दे को लेकर अपना आंदोलन जारी रखेगा।
गोदियाल ने कहा कि सभी सहयोगी दलों ने इस मुद्दे पर एकजुट होकर आगे बढ़ने का निर्णय लिया है। उनके मुताबिक, मतदाता सूची से जुड़े मामलों को लेकर गठबंधन जनता के बीच जाएगा और कथित अनियमितताओं को सामने रखेगा।
8 अक्टूबर को गांधी पार्क से निकलेगा मार्च
इंडिया गठबंधन की ओर से 8 अक्टूबर को देहरादून में मार्च निकालने का कार्यक्रम तय किया गया है। यह मार्च गांधी पार्क से शुरू होगा। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की ओर से चलाए जा रहे ‘लोकतंत्र बचाओ-वोट बचाओ’ अभियान के तहत यह प्रदर्शन किया जाएगा। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी प्रमुखता से उठाई जाएगी।
गणेश गोदियाल ने कहा कि गठबंधन की मांग तब तक जारी रहेगी, जब तक सरकार और संबंधित संस्थाएं उनके अनुसार उठाए जा रहे सवालों पर कार्रवाई नहीं करतीं। उन्होंने कहा कि बैठक में गठबंधन के सभी सहयोगी दलों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे और आंदोलन को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।
एसआईआर के बाद मतदाता सूची पर भी उठे सवाल
उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी हो चुकी है। इसमें 71,58,949 मतदाता दर्ज हैं। सूची में नाम नहीं होने वाले पात्र मतदाताओं की पहचान और दोबारा नाम जोड़ने के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से आगे की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
कांग्रेस और इंडिया गठबंधन इसी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं और मतदाता सूची से बाहर हुए पात्र लोगों के नाम दोबारा जोड़ने तथा पूरी प्रक्रिया में जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।

