पैतृक गांवों में लगेंगी राज्य आंदोलन के शहीदों की प्रतिमाएं: धामी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन में शहीद हुए आंदोलनकारियों की जिन प्रतिमाओं की स्थापना अब तक नहीं हो पाई है, उन्हें उनके पैतृक गांव या उपयुक्त स्थान पर स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बलिदानियों की स्मृतियों को संरक्षित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को मुजफ्फरनगर स्थित रामपुर तिराहा शहीद स्थल पहुंचे। यहां उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर राज्य आंदोलन के अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने रामपुर तिराहा स्थित राज्य अतिथि गृह के उच्चीकरण की घोषणा भी की।
धामी ने कहा कि स्मारक परिसर में स्थित पुस्तकालय को ई-पुस्तकालय के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही संग्रहालय का विस्तार कर उसमें उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पारंपरिक वाद्य यंत्रों और पारंपरिक परिधानों सहित राज्य की विरासत से जुड़ी सामग्री को प्रदर्शित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के दोबारा चिन्हीकरण की प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों की स्मृति को बनाए रखने के लिए भी उनकी प्रतिमाएं पैतृक गांवों में स्थापित की जाएंगी। साथ ही राज्य आंदोलन के अमर बलिदानियों की स्मृतियों को भी संरक्षित और सम्मानित किया जाएगा।

