October 29, 2026
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मुख्य सचिव की बैठक में पांच विकास परियोजनाओं को मंजूरी, 25 करोड़ से होगी कुंभ की सफाई व्यवस्था

By on October 30, 2026 0 7 Views

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित व्यय वित्त समिति की बैठक में विभिन्न विभागों के विकास कार्यों से जुड़े आठ प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इनमें से पांच प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जबकि तीन प्रस्तावों को आवश्यक समीक्षा और परीक्षण के लिए रखा गया। स्वीकृत प्रस्तावों में सहसपुर की पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी जलाशय परियोजना, नैनीताल की खैरना बैराज पेयजल परियोजना, बागेश्वर में सर्किट हाउस निर्माण, कैंची धाम बाईपास मार्ग के सुधारीकरण और कुंभ मेला-2027 की स्वच्छता व्यवस्था शामिल हैं।

सहसपुर और नैनीताल की परियोजनाओं को मंजूरी

बैठक में मुख्यमंत्री की घोषणा से संबंधित सहसपुर में 326.64 करोड़ रुपये की पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी जलाशय परियोजना को अनुमोदन दिया गया। इसके साथ ही नैनीताल जिले में 382.40 करोड़ रुपये की खैरना बैराज पेयजल परियोजना को भी स्वीकृति मिली।

वहीं, चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के बीरोंखाल विकासखंड में स्यूंसी झील निर्माण परियोजना और रुद्रप्रयाग शहर के मास्टर प्लान के पहले चरण से संबंधित प्रस्तावों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। रुद्रप्रयाग मास्टर प्लान के संबंध में मुख्य सचिव ने कहा कि जल निकासी की योजना बनाते समय यह सुनिश्चित किया जाए कि घरों से निकलने वाला गंदा पानी सीधे नदी में न पहुंचे। इसके लिए प्रभावी जल निकासी और अपशिष्ट जल प्रबंधन की व्यवस्था की जाए।

बागेश्वर में 13.15 करोड़ से बनेगा सर्किट हाउस

राज्य संपत्ति विभाग और लोक निर्माण विभाग से संबंधित मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत बागेश्वर में 13.15 करोड़ रुपये की लागत से सर्किट हाउस के निर्माण को मंजूरी दी गई।

इसके अलावा नैनीताल जिले के बेतालघाट विकासखंड में दुनिघाट से रातिघाट (पाडली) तक कैंची धाम बाईपास मोटर मार्ग के डामरीकरण और सुधारीकरण के लिए 21.81 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। इस कार्य का उद्देश्य सड़क अवसंरचना को मजबूत करना और आवागमन को सुगम बनाना है।

कुंभ मेला-2027 की स्वच्छता पर खर्च होंगे 25 करोड़

हरिद्वार में कुंभ मेला-2027 के दौरान एकीकृत स्वच्छता व्यवस्था के लिए 25 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत स्वच्छता कार्यों के लिए आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने से संबंधित व्यवस्था की जाएगी।

मुख्य सचिव ने कुंभ मेला अधिकारी और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाहरी एजेंसियों के माध्यम से सेवाएं देने वाली संस्थाओं और स्वच्छता कार्यों में तैनात कर्मचारियों के सत्यापन की प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए। इसके लिए बायोमेट्रिक सत्यापन सहित आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाए, ताकि एजेंसियों और कर्मचारियों की वास्तविक उपस्थिति तथा तैनाती का पता चल सके।

उन्होंने कहा कि सत्यापन व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए और आवश्यक जांच के बाद ही संबंधित एजेंसियों तथा कर्मचारियों को भुगतान किया जाए। इससे कुंभ के दौरान स्वच्छता व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

केदारनाथ परियोजना की अतिरिक्त लागत की होगी जांच

बैठक में पर्यटन विभाग और लोक निर्माण विभाग से संबंधित केदारनाथ धाम में आधारभूत ढांचे, सबस्टेशन पैनल और अन्य निर्माण कार्यों के प्रस्ताव को आवश्यक समीक्षा के लिए रखा गया। मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को परियोजना की अतिरिक्त लागत का विस्तृत सत्यापन करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि लागत बढ़ने के कारणों, कार्यों की वास्तविक आवश्यकता और अन्य संबंधित पहलुओं की जांच के बाद संशोधित प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए, ताकि नियमानुसार निर्णय लिया जा सके।

वित्तीय अनुशासन और समयबद्धता पर जोर

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं की तैयारी के दौरान तकनीकी, भू-वैज्ञानिक, वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं का विस्तृत अध्ययन किया जाए। सभी आवश्यक सहमतियां समय से प्राप्त की जाएं, ताकि स्वीकृति और क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी न हो।

उन्होंने परियोजनाओं की अनुमानित लागत तय करते समय वित्तीय प्रबंधन और भविष्य की आवश्यकताओं का ध्यान रखने को कहा। साथ ही, अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर लागत वृद्धि के लिए दोबारा प्रस्ताव प्रस्तुत करने की स्थिति से बचने के निर्देश दिए। यदि लागत बढ़ाने की आवश्यकता हो, तो उसके स्पष्ट कारणों और जरूरी सहमतियों का उल्लेख किया जाए।

मुख्य सचिव ने परियोजनाओं का भौतिक सत्यापन सक्षम अधिकारियों और अधिकृत एजेंसियों से कराने पर भी जोर दिया। उन्होंने सभी विभागों से वित्तीय अनुशासन, तकनीकी गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन को प्राथमिकता देने तथा स्वीकृत परियोजनाओं का लाभ निर्धारित समय में जनता तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव लोक निर्माण विभाग पंकज पांडेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, नियोजन विभाग के श्रीधर बाबू अडांकी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।