October 18, 2026
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देहरादून में जलेगा 181 फीट ऊंचा रावण, दशहरा आयोजन में बदलेगा प्रवेश मार्ग

By on October 18, 2026 0 7 Views

देहरादून। राजधानी देहरादून के ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में इस बार दशहरा पर्व पर 181 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। यह अब तक का सबसे ऊंचा रावण का पुतला होगा। 20 अक्टूबर को होने वाले आयोजन के लिए बन्नू बिरादरी की दशहरा कमेटी ने रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले तैयार कराए हैं। आयोजन को भव्य बनाने के साथ ही भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

पिछले साल परेड ग्राउंड में 121 फीट ऊंचे रावण का पुतला लगाया गया था, जबकि इस बार इसकी ऊंचाई बढ़ाकर 181 फीट कर दी गई है। कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले 70-70 फीट ऊंचे बनाए गए हैं। इसके साथ ही मैदान में लंका का भव्य स्वरूप भी तैयार किया जा रहा है। दशहरा आयोजन पर इस बार करीब 21 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जबकि पिछले साल लगभग 16 लाख रुपये खर्च हुए थे।

शोभायात्रा का मार्ग बदला

दशहरा कमेटी के प्रधान संतोख नागपाल के अनुसार, शोभायात्रा कलिका मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद रवाना होगी। यह पलटन बाजार, मोती बाजार और चकराता रोड से होते हुए परेड ग्राउंड पहुंचेगी। पिछले वर्षों में उमड़ी भीड़ को देखते हुए इस बार प्रवेश व्यवस्था में बदलाव किया गया है। शोभायात्रा अब दून क्लब के सामने के बजाय तिब्बती मार्केट के गेट से मैदान में प्रवेश करेगी।

आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए परेड ग्राउंड के सभी प्रवेश द्वारों पर पुलिस प्रशासन के साथ दशहरा कमेटी की ओर से भी सुरक्षा कर्मी तैनात किए जाएंगे। कमेटी का कहना है कि भीड़ को व्यवस्थित रखने और लोगों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

रिमोट से होगा रावण दहन

इस बार दशहरा आयोजन में तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा। रावण के पुतले में आठ बम लगाए गए हैं, जिन्हें रिमोट के माध्यम से विस्फोटित किया जाएगा। आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री, मंत्री, महापौर और विधायक रिमोट का बटन दबाकर रावण के पुतले में लगाए गए बमों को सक्रिय करेंगे।

आतिशबाजी से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए कमेटी ने इको-फ्रेंडली पटाखों के इस्तेमाल की बात भी कही है। आयोजकों के मुताबिक, इस बार ऊंचे रावण के पुतले, भव्य लंका और तकनीक के इस्तेमाल के कारण दशहरा कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।