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उत्तराखंड में IAS बन सकते हैं ये अफसर, पदोन्नति कोटे का मिलेगा लाभ, वरिष्ठता सूची के लिए SC पर नजर

By on May 13, 2025 0 303 Views

देहरादून: उत्तराखंड में पदोन्नति कोटे के खाली IAS कैडर के पदों पर जल्द DPC की उम्मीद है, जिसमें कुछ पीसीएस अफसर IAS कैडर में पहुंच सकेंगे. उत्तराखंड शासन से मिली जानकारी के अनुसार, इसमें सबसे पहला नाम निधि यादव का है जो रिक्ति के सापेक्ष काफी पहले ही IAS कैडर में पदोन्नत हो रही थीं, लेकिन, विजिलेंस जांच के चलते उन्हें प्रमोशन नहीं मिल पाया. हालांकि, विजिलेंस से क्लीनचिट और केंद्र से राज्य कार्मिक को मिली हरी झंडी के बाद अब वो IAS कैडर में जा सकेंगी. इसके साथ ही तीन पदोन्नति कोटे के रिक्त पदों पर बंसीलाल राणा और नरेंद्र सिंह कुड़ियाल भी IAS के रूप में पदोन्नत हो सकेंगे.

साल 2024 में चार पद रिक्त

उत्तराखंड में फिलहाल IAS कैडर में पदोन्नति के तीन खाली पदों के साथ ही साल 2024 में भी चार पद खाली हुए हैं. प्रदेश में साल 2024 में रिटायर होने वाले आईएएस अधिकारियों में अरविंद सिंह हयांकी, विनोद रतूड़ी, विजय कुमार यादव और उदय राज सिंह का नाम शामिल था. इस तरह चार अन्य PCS अफसरों के पास भी सीनियरिटी के आधार पर IAS कैडर में जाने का मौका है.

SC में लटका PCS वरिष्ठता सूची मामला

प्रदेश में पीसीएस अधिकारियों की वरिष्ठता सूची का मामला सुप्रीम कोर्ट में अटका होने के कारण अब 2023 की 3 रिक्तियों के बाद बाकी अधिकारियों को वरिष्ठता की अंतिम सूची का इंतजार करना होगा. अखिल भारतीय सेवा नियमावली में स्पष्ट है कि पीसीएस से IAS पद पर प्रमोट होने के लिए 4 साल की सेवा होना अनिवार्य है. यानी अधिकारी की सेवानिवृत्ति 4 साल से ज्यादा समय बाद होनी चाहिए.

साल 2024 में पदोन्नति के 4 पद खाली हैं. इस तरह चार अधिकारियों को सरकार प्रमोशन दे सकती है, बशर्ते वरिष्ठता सूची में कोई विवाद न हो. उधर आने वाले सालों में सेवानिवृत्ति के चलते यह रिक्तियां और भी ज्यादा बढ़ जाएंगी. फिलहाल 2027 तक पदोन्नति कोटे में IAS के 10 पद रिक्त होंगे. यानी अंतिम वरिष्ठता सूची पर कोई फैसला हो पाया तो 10 सीनियर पीसीएस अधिकारी IAS कैडर में जा सकेंगे.

2027 तक ये IAS होंगे रिटायर

2025, 2026 और 2027 में भी कई आईएएस सेवानिवृत होने जा रहे हैं, जिसके चलते खाली पदों की संख्या भी बढ़ने जा रही है. इसमें पहला नाम हरिश्चंद्र सेमवाल का है, जो इसी महीने मई के अंत में सेवानिवृत होने जा रहे हैं. अगला नाम दीपेंद्र चौधरी का है जो साल 2026 में फरवरी महीने के अंत में सेवानिवृत्ति होंगे. इसके अलावा साल 2026 में ही देव कृष्णा तिवारी भी अप्रैल महीने में सेवानिवृत हो जाएंगे.

साल 2027 में जून महीने में आईएएस अधिकारी विनय शंकर पांडे रिटायर हो जाएंगे. साल 2027 में ही जुलाई महीने में सुरेंद्र नारायण पांडे भी रिटायर होंगे. इसके अलावा साल 2027 में ही उमेश नारायण पांडे भी मार्च महीने में रिटायर होंगे. इस तरह इन तीन सालों में कुल 6 आईएएस अधिकारी रिटायर होंगे.

पूर्व में खाली 4 सीटों को मिला दिया जाए तो साल 2027 के अंत तक 10 सीटें रिक्त हो जाएंगी. इन सीटों पर पीसीएस अधिकारियों को प्रमोट किया जा सकेगा. हालांकि, सीनियरिटी के आधार पर प्रमोशन की सेवा शर्तें पूरी करने वाले इन अधिकारियों की नजर सुप्रीम कोर्ट पर होगी. जहां पर पीसीएस अधिकारियों की अंतिम वरिष्ठता सूची का निर्णय लटका हुआ है.

इन PCS अफसरों को मिल सकता है लाभ

सीनियरिटी के आधार पर पीसीएस अधिकारियों की सूची देखें तो जीवन सिंह नग्नयल, सादिया आलम, ललित नारायण मिश्रा, अशोक कुमार पांडे, विप्र त्रिवेदी, अभिषेक त्रिपाठी, शिवकुमार बरनवाल, ईलागिरी, राहुल गोयल और जय भारत सिंह को इसका लाभ मिल सकता है.

पीसीएस अधिकारियों में रामजी शरण शर्मा की जांच खत्म होने के बाद उनका प्रमोशन को लेकर लिफाफा खुल सकता है. फिलहाल रामजी शरण शर्मा 7600 ग्रेड पे पर हैं. अब उन्हें 8700 ग्रेड पे का लाभ मिलेगा. इसके अलावा भवन चलाल और तीरथ पाल का भी प्रमोशन नहीं हो पाया है. फिलहाल जांच प्रकरण के चलते इनका लिफाफा बंद है.