October 17, 2026
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बजट सत्र में जनसरोकारों के मुद्दे प्रमुखता से उठाएगी कांग्रेस: यशपाल आर्य

By on February 27, 2026 0 66 Views

देहरादून। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में 9 मार्च से पंचम विधानसभा का बजट सत्र प्रारंभ होने जा रहा है। सत्र की शुरुआत सोमवार को राज्यपाल के अभिभाषण से प्रस्तावित है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं।

नेता प्रतिपक्ष Yashpal Arya ने कहा कि परंपरागत रूप से सोमवार का दिन मुख्यमंत्री के प्रश्नकाल के लिए निर्धारित माना जाता रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल में एक भी सोमवार को प्रत्यक्ष रूप से प्रश्नों का सामना नहीं किया। उनका आरोप है कि इस बार भी सरकार विपक्ष के सवालों से बचने की तैयारी में है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक विधानसभा के कुल बत्तीस कार्य दिवस ही हुए हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि सदन की कार्यवाही को सीमित रखा जा रहा है। आर्य ने प्रश्न उठाया कि यदि सोमवार प्रश्नकाल के लिए निर्धारित है, तो उसे नियमित कार्य दिवस के रूप में क्यों नहीं संचालित किया जा रहा।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री के पास लगभग चालीस महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी है। ऐसे में उन विभागों से जुड़े प्रश्नों का उत्तर सदन में दिया जाना आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष के सवालों से बचने के लिए चुप्पी साधे हुए है। उनका कहना है कि 9 मार्च को गैरसैंण में राज्यपाल का अभिभाषण प्रस्तावित है और चूंकि मुख्यमंत्री वित्त मंत्री का दायित्व भी संभाल रहे हैं, इसलिए बजट पर विस्तृत चर्चा के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।

आर्य ने मांग की कि बजट सत्र कम से कम इक्कीस दिनों का होना चाहिए तथा विभागवार चर्चा के लिए न्यूनतम चार दिन निर्धारित किए जाएं। उनका कहना है कि सत्र की अवधि सीमित कर सरकार विपक्ष की आवाज को दबाना चाहती है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस बजट सत्र में विद्यालयों में शिक्षकों की कमी, बुनियादी सुविधाओं का अभाव, आपदा प्रभावितों को राहत, अवरुद्ध विकास कार्य, किसान आत्महत्या के मामले, किसानों को फसल का उचित मूल्य न मिलना, महिलाओं पर अत्याचार, कमजोर वर्गों, अल्पसंख्यकों और दलित समुदाय पर उत्पीड़न तथा राज्य की कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी।

विपक्ष का आरोप है कि सरकार इन जनसरोकारों पर जवाब देने से बच रही है, जबकि जनता इन प्रश्नों के समाधान की अपेक्षा कर रही है।