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सिपाही के नाम इतनी संपत्ति देख अधिकारी भी हैरान

By on September 21, 2021 0 328 Views

पटना।  बिहार में भ्रष्‍टाचार के जरिए संपत्ति अर्जित करने वाले सरकारी कर्मचारियों और पदाधिकारियों पर निगरानी ब्‍यूरो और आर्थिक अपराध अनुसंधान इकाई की कार्रवाई लगातार जारी है। अब आर्थिक अपराध अनुसंधान इकाई (इओयू) ने बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन के अध्‍यक्ष नरेंद्र कुमार धीरज के नौ ठिकानों पर तीन जिलों में एक साथ छापेमारी की है। पटना के अलावा भोजपुर (आरा) और अरवल में धीरज के घर और प्रतिष्‍ठानों के अलावा उनके रिश्‍तेदारों से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी मंगलवार की सुबह ही शुरू हो गई। उन पर सरकारी पद का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति बनाने का आरोप है। पटना के बेउर स्थित महावीर कालोनी के आवास समेत आरा में स्वजनों के आधा दर्जन आवास व दुकानों पर तलाशी जारी है।

पटना जिला पुलिस बल में सिपाही हैं धीरज

नरेंद्र कुमार धीरज पटना जिला पुलिस बल में सिपाही के पद पर हैं। ईओयू की जांच में उनकी संपत्ति लोकसेवक के तौर पर मिली आय से कहीं अधिक पाई गई है। कई जगह भूखंडों के अलावा ट्रांसपोर्ट के व्यवसाय में भी निवेश के मामले सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि उनके घर और व्‍यावसायिक प्रतिष्‍ठान कम से कम तीन जिलों में फैले हैं। उनकी कई ट्रक चलने की बात भी सामने आ रही है।

रिश्‍तेदारों और नातेदारों तक पर इओयू की नजर

मिली जानकारी के अनुसार पटना के बेउर में महावीर कॉलोनी स्थित आवास, भोजपुर जिले के सहार थाना अंतर्गत मुजफ्फरपुर गांव स्थित धीरज का पैतृक आवास, अरवल के अरोमा होटल के सामने स्थित धीरज के भाई अशोक कुमार का मकान, आरा शहर के भिलाई रोड, कृष्णानगर स्थित भाई सुरेंद्र सिंह का मकान और भाई विजेंद्र कुमार विमल का मकान, नरेंद्र कुमार धीरज के भाई श्याम विहार सिंह के नारायणपुर आरा स्थित मॉल व आवासीय मकान, भतीजे धर्मेंद्र कुमार के अनाइठ, आरा में आशुतोष ट्रेडर्स नामक दुकान, आरा के नारायणपुर में भाई सुरेंद्र कुमार सिंह के छड़ सीमेंट की दुकान एवं आवास पर एक साथ छापेमारी शुरू की गई है।

रुपए से भरे झोले के साथ पकड़ा गया था भाई

धीरज का भाई अशोक यादव सात जून को भोजपुर पुलिस ने अरवल में रुपए से भरे बैग के साथ पकड़ा था। भोजपुर के तत्‍कालीन एसपी राकेश कुमार दूबे ने बताया था कि उसके संबंध बालू का अवैध धंधा करने वालों के साथ है। अशोक का घर भोजपुर जिले के सहार में है। वह बालू लदे ट्रकों को पार कराने के नाम पर थाना की मिलीभगत से वसूली करता था।