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मानसून सीजन में कॉर्बेट की दक्षिणी सीमा पर फ्लैग मार्च, वन्यजीव सुरक्षा को लेकर वनकर्मियों ने बढ़ाई सतर्कता

By on July 30, 2026 0 31 Views

रामनगर । मानसून सीजन के बीच कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की दक्षिणी सीमा पर वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग ने विशेष सतर्कता अभियान शुरू किया है। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला, आईएफएस के निर्देशन में कालागढ़ उपप्रभाग, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व तथा तराई पश्चिमी वन प्रभाग और अमानगढ़ टाइगर रिजर्व के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से फ्लैग मार्च किया। इस दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त, चेकिंग और ग्रामीणों से जनसंपर्क कर वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।

30 जुलाई 2026 को आयोजित फ्लैग मार्च का शुभारंभ ढेला रेंज स्थित वन विश्राम भवन से किया गया। इस दौरान कालागढ़ उपप्रभाग के उप प्रभागीय वनाधिकारी बिंदर पाल ने वनकर्मियों को ब्रीफिंग देते हुए फ्लैग मार्च के उद्देश्य और रूट प्लान की जानकारी दी।

मानसून के दौरान जंगलों में गश्त और वन्यजीवों की सुरक्षा का कार्य चुनौतीपूर्ण हो जाता है। बारिश के कारण गश्ती मार्ग और वन क्षेत्रों में एप्रोच मार्ग क्षतिग्रस्त होने के साथ ही घनी झाड़ियों और नदी-नालों में उफान के चलते वनकर्मियों के लिए सुरक्षा व्यवस्था और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
इसी को देखते हुए कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की ओर से मानसून सीजन में विशेष गश्त और फ्लैग मार्च आयोजित किया जा रहा है। अभियान के दौरान वन क्षेत्रों से सटे आबादी वाले इलाकों में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर उन्हें वन एवं वन्यजीव संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल वन विभाग को देने के लिए जागरूक किया गया।
ढेला रेंज के अंतर्गत फ्लैग मार्च चौफुला गूजर डेरा तक पहुंचा, जहां गूजर डेरों में चेकिंग और पूछताछ की गई। इसके बाद बजरी रोड, पीका होते हुए पत्थर कुआं गूजर डेरा पहुंचकर भी चेकिंग की गई। इसके बाद कालू सिद्ध मंदिर, झुल्लीमोड़, पतरामपुर और बादीगढ़ होते हुए अमानगढ़ टाइगर रिजर्व के केहरिपुर रेंज कार्यालय पहुंचकर स्थानीय ग्रामीणों से जनसंपर्क किया गया।
इसके बाद धारा, कल्लूवाला, मीरापुर और भिक्कावाला क्षेत्रों में ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों से संपर्क स्थापित कर वन एवं वन्यजीव संरक्षण तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम को लेकर जागरूक किया गया।

फ्लैग मार्च के समापन पर गश्ती दल कालागढ़ वन विश्राम भवन पहुंचा, जहां उप प्रभागीय वनाधिकारी बिंदर पाल ने डी-ब्रीफिंग की। इस दौरान फ्लैग मार्च की समीक्षा करते हुए वन्यजीव सुरक्षा, अवैध शिकार और अवैध कटान की रोकथाम, आपसी समन्वय तथा सतर्कता के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के निर्देश दिए गए।

वन विभाग के इस संयुक्त अभियान का उद्देश्य मानसून के दौरान वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी मजबूत करना और स्थानीय लोगों को संरक्षण गतिविधियों से जोड़ना है।