खटीमा में मुख्यमंत्री धामी ने प्रबुद्धजनों और कार्यकर्ताओं से किया संवाद, विकसित उत्तराखंड के निर्माण में सहभागिता का किया आह्वान
खटीमा। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने रविवार को खटीमा में आयोजित प्रबुद्धजन संवाद एवं मुख्य सेवक जन संवाद कार्यक्रमों में प्रतिभाग करते हुए राज्य के विकास, सुशासन और जनभागीदारी पर अपने विचार रखे।
निजी होटल में आयोजित प्रबुद्धजन संवाद कार्यक्रम में शिक्षा, चिकित्सा, पर्यटन, कृषि, साहित्य, उद्योग और अध्यात्म से जुड़े विशेषज्ञों ने अपने सुझाव साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि ज्ञान, चेतना और सांस्कृतिक विरासत की भूमि है। उन्होंने प्रबुद्ध वर्ग को समाज का “ओपिनियन मेकर” बताते हुए कहा कि उनके विचार राज्य के विकास की मजबूत आधारशिला बन सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और ऐतिहासिक निर्णयों का उल्लेख करते हुए उन्हें देश के विकास में महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, खेल और हवाई कनेक्टिविटी सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से कार्य कर रही है। समान नागरिक संहिता, सख्त नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगा विरोधी कानून को राज्य की महत्वपूर्ण उपलब्धियां बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इनसे सामाजिक न्याय और कानून व्यवस्था को मजबूती मिली है।
इससे पूर्व बंडिया स्थित एक निजी रिसोर्ट में आयोजित मुख्य सेवक जन संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए शुद्ध एवं पारदर्शी मतदाता सूची आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के बाद उन्होंने टिफिन बैठक में पदाधिकारियों के साथ भोजन कर संगठनात्मक विषयों पर चर्चा की।
कार्यक्रम में अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, भाजपा पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

