September 23, 2026
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02 जुलाई को पूरे उत्तराखंड में मानसून मॉक ड्रिल, 13 जिलों के 70 स्थानों पर परखी जाएगी आपदा तैयारी

By on June 20, 2026 0 60 Views

देहरादून। मानसून सीजन में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए उत्तराखंड में 02 जुलाई को राज्यव्यापी मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर होने वाले इस अभ्यास में प्रदेश के सभी 13 जिलों के करीब 70 स्थानों पर एक साथ राहत एवं बचाव कार्यों का परीक्षण किया जाएगा।

शुक्रवार को सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन की अध्यक्षता में आयोजित ओरिएंटेशन एवं कोऑर्डिनेशन कॉन्फ्रेंस में मॉक ड्रिल की तैयारियों की समीक्षा की गई और सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और आपदा प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करने के लिए राज्यव्यापी मॉक ड्रिल कराने के निर्देश दिए थे। इस बार मॉक ड्रिल केवल नए स्थानों पर आयोजित होगी, जहां पहले ऐसा अभ्यास नहीं हुआ है।

30 जून को टेबल टॉप एक्सरसाइज

मॉक ड्रिल से पहले 30 जून को टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी जिले संसाधनों की उपलब्धता, उनकी तैनाती और आपदा प्रतिक्रिया योजना का प्रस्तुतीकरण करेंगे। पूरी प्रक्रिया घटना प्रतिक्रिया प्रणाली (आईआरएस) के तहत संचालित होगी।

राहत शिविरों की व्यवस्थाओं का होगा परीक्षण

मॉक अभ्यास के दौरान राहत शिविर स्थापित कर वहां बिजली, पानी, भोजन, प्राथमिक चिकित्सा, शिशु आहार और गर्भवती महिलाओं के लिए सुविधाओं का रियल टाइम परीक्षण किया जाएगा। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए पुलिस और होमगार्ड के जवानों की भी तैनाती की जाएगी।

सामुदायिक भागीदारी पर रहेगा विशेष जोर

मॉक ड्रिल में पूर्व सैनिकों, पूर्व अर्द्धसैनिक बलों के जवानों, आपदा मित्रों, स्वयंसेवी संस्थाओं, एनसीसी, एनएसएस, रेड क्रॉस और अन्य स्वयंसेवी संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। सचिव ने कहा कि किसी भी आपदा में स्थानीय समुदाय सबसे पहला प्रतिक्रिया देने वाला समूह होता है, इसलिए समुदाय आधारित आपदा प्रबंधन को मजबूत करना आवश्यक है।

आधुनिक उपकरणों की लगेगी प्रदर्शनी

टेबल टॉप एक्सरसाइज के दौरान एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, अग्निशमन सेवा, स्वास्थ्य विभाग और अन्य एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्यों में इस्तेमाल होने वाले आधुनिक उपकरणों, संचार प्रणालियों, खोज एवं बचाव संसाधनों तथा विशेष वाहनों की प्रदर्शनी भी लगाएंगी और उनके संचालन का प्रदर्शन करेंगी।

इन आपदा परिदृश्यों पर होगा अभ्यास

मॉक ड्रिल में मानसून से जुड़ी विभिन्न परिस्थितियों का वास्तविक अभ्यास किया जाएगा। इनमें रिहायशी क्षेत्रों में जलभराव, तटबंधों को खतरा, स्कूलों से बच्चों की सुरक्षित निकासी, भूस्खलन से मार्ग अवरुद्ध होना, कट-ऑफ क्षेत्रों तक राहत सामग्री पहुंचाना, जल विद्युत परियोजनाओं से पानी छोड़े जाने पर अलर्ट जारी करना तथा छतों पर फंसे लोगों का हेलीकॉप्टर के माध्यम से रेस्क्यू जैसे परिदृश्य शामिल रहेंगे।

राज्य सरकार का मानना है कि इस व्यापक अभ्यास से विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और मानसून के दौरान किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा।