रेखा आर्या-गिरधारी लाल विवाद पर मंत्री खजान दास का बयान, कहा – बच्चों के बड़े होने के बाद सामने आया उत्पीड़न का मामला
देहरादून। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच चल रहे विवाद पर कैबिनेट मंत्री खजान दास ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं और लंबे वैवाहिक जीवन के बाद उत्पीड़न का मामला सामने आ रहा है। खजान दास ने कहा कि गिरधारी लाल साहू पर पहले से आरोप लगते रहे हैं और उनके खिलाफ कई मुकदमे होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में इन परिस्थितियों पर पहले ही ध्यान दिया जाना चाहिए था।
खजान दास ने कहा कि रेखा आर्या घरेलू हिंसा से पीड़ित हैं और इस समय दोनों के आमने-सामने आने से समाज में अच्छा संदेश नहीं जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों के बड़े हो जाने के बाद इस तरह के आरोप सार्वजनिक होना चिंताजनक है। उनके मुताबिक, इस पूरे मामले को पहले ही गंभीरता से लिया जाना चाहिए था।
रेखा आर्या ने दर्ज कराई प्राथमिकी
दरअसल, 15 अक्टूबर को रेखा आर्या ने देहरादून के कैंट थाने में अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें मारपीट, घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल, धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी जैसे आरोप लगाए गए हैं। मामले में अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी शामिल की गई हैं।
इसके बाद गिरधारी लाल साहू ने रेखा आर्या पर 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया। रेखा आर्या ने इन आरोपों को निराधार बताया है। वहीं, गिरधारी लाल साहू ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को गलत बताते हुए रेखा आर्या से प्राथमिकी वापस लेने की अपील की है।
एसआईटी कर रही मामले की जांच
मामले की जांच के लिए पुलिस ने एसपी ग्रामीण जया बलूनी के नेतृत्व में विशेष जांच दल गठित किया है। एसआईटी ने जांच के सिलसिले में बरेली स्थित गिरधारी लाल साहू के घर और अन्य ठिकानों पर पहुंचकर दस्तावेज जुटाए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह अभी तक पुलिस के सामने पेश नहीं हुए हैं।
खजान दास ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और विशेष जांच दल भी गठित किया गया है। उन्होंने जातिसूचक शब्दों और उत्पीड़न से जुड़े आरोपों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इन परिस्थितियों पर पहले ही विचार किया जाना चाहिए था।
मंत्री के बयान के बाद यह विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि, दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों और आगे की कानूनी कार्रवाई के बाद ही हो सकेगी।

