उत्तराखंड एसटीएफ का साइबर अपराधियों पर बड़ा प्रहार, 7 दिन में 15 गिरफ्तार
देहरादून। साइबर अपराधियों और उनके नेटवर्क के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने बड़ा अभियान चलाया है। 24 अगस्त से 1 सितंबर तक चलाए गए ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट’ के दौरान पुलिस ने 15 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया, जबकि 247 संदिग्धों को कानूनी नोटिस जारी किए गए। अभियान में साइबर ठगी से जुड़े 820 संदिग्ध बैंक खातों की जांच की गई और 159 मुकदमे दर्ज किए गए।
अभियान के दौरान 1,236 एटीएम से रकम निकासी वाले स्थानों की जांच कर 32 मुकदमे दर्ज किए गए। वहीं 84 चेक से रकम निकासी वाले स्थानों की जांच के बाद 37 मुकदमे दर्ज हुए। साइबर अपराध में इस्तेमाल किए जा रहे 644 संदिग्ध सिम और 630 आईएमईआई बंद कराए गए। इसके अलावा 22 संदिग्ध सिम-पॉस की जांच कर 10 मुकदमे दर्ज किए गए।
हरिद्वार में ‘नवादा ग्रुप’ का खुलासा
ऑपरेशन के दौरान हरिद्वार के श्यामपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने संगठित साइबर ठगी गिरोह ‘नवादा ग्रुप’ का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। तकनीकी जांच में गिरोह से जुड़े 200 से अधिक बैंक खाते सामने आए, जिनमें साइबर ठगी की रकम के लेनदेन के साक्ष्य मिले। आरोपियों के पास से 45 से अधिक एटीएम कार्ड, 20 बैंक पासबुक, दो लैपटॉप और 17 मोबाइल फोन बरामद किए गए।
पुलिस के मुताबिक, ठगी की रकम लोन, ऑनलाइन कारोबार और पैसा दोगुना करने जैसे लालच देकर लोगों से हासिल की जाती थी। इसके बाद रकम को अलग-अलग बैंक खातों में भेजकर एटीएम और अन्य माध्यमों से निकाला जाता था।
1930 के जरिए 23.44 करोड़ रुपये बचाए
उत्तराखंड पुलिस ने वर्ष 2026 में 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर मिली 18,749 शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए करीब 23.44 करोड़ रुपये की ठगी की रकम समय रहते रोकने में सफलता हासिल की। इसी अवधि में प्राप्त 683 ई-शून्य प्राथमिकी में से 659 को नियमित प्राथमिकी में बदला या जोड़ा गया।
पुलिस ने 2026 में 240 साइबर अपराधियों और संदिग्धों का विवरण संबंधित समन्वय पोर्टल पर दर्ज किया। दूसरे राज्यों में दर्ज मामलों से मिलान के बाद 100 से अधिक अंतरराज्यीय कड़ियां सामने आई हैं।
चार जिलों में दो हजार पुलिसकर्मी उतरे मैदान में
तीन सितंबर को देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंह नगर और नैनीताल के चिन्हित साइबर अपराध प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया गया। एसटीएफ की तकनीकी टीम के साथ करीब दो हजार पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई की। इस दौरान 300 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था वी. मुरुगेशन ने कहा कि ऑपरेशन हॉटस्पॉट के बाद भी साइबर अपराधियों और उनके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। तकनीकी माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं का लगातार विश्लेषण कर साइबर अपराध से जुड़े बैंक खातों, सिम-पॉस और अन्य संसाधनों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

