445 सवालों और विपक्ष के विधानसभा घेराव से घिरेगी सरकार, भराड़ीसैंण में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, कल से सत्र
गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में मंगलवार, 27 अक्टूबर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। सत्र के दौरान सदन के भीतर सरकार को 31 विधायकों के 445 सवालों का जवाब देना होगा, वहीं बाहर विपक्षी दल कांग्रेस, प्रदेश प्रधान संगठन और उत्तराखंड क्रांति दल ने विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। ऐसे में सरकार के सामने सदन के भीतर सवालों का जवाब देने के साथ ही बाहर होने वाले प्रदर्शनों से निपटने की चुनौती भी रहेगी।
विधानसभा सत्र को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। विधानसभा परिसर तक प्रदर्शनकारियों को पहुंचने से रोकने के लिए प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई है। दुकमुतासैंण, विधानसभा के मुख्य प्रवेश द्वार दीवालीखाल, जंगलचट्टी, परवाड़ी मोटर मार्ग और सारकोट मोटर मार्ग सहित संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। इन स्थानों पर कंटीले तारों और लोहे के मजबूत गेटों के जरिए सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है।
1500 जवानों के हाथों में सुरक्षा की कमान
चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के अनुसार, विधानसभा क्षेत्र और गैरसैंण परिक्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से पांच सुपर जोन और 13 सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक जोन और सेक्टर की निगरानी के लिए अपर पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों को तैनात किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग 1500 पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। इसमें सिविल पुलिस, सशस्त्र पुलिस, यातायात प्रबंधन दल, प्रांतीय रक्षक दल, आतंकवाद निरोधी दस्ता, श्वान दल और बम निरोधक दस्ते सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियां शामिल हैं।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि विधानसभा सत्र लोकतंत्र का महत्वपूर्ण पर्व है। इसे शांतिपूर्ण, निर्बाध और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराना पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता है। साथ ही स्थानीय लोगों और राहगीरों को आवागमन में असुविधा न हो, इसका भी ध्यान रखा जाएगा।
31 विधायकों ने लगाए 445 सवाल
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि सत्र के सुचारू संचालन के लिए विधानसभा सचिवालय की ओर से आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि विधायकों को अपनी बात रखने और जनसमस्याओं को सदन में उठाने का पर्याप्त अवसर देने का प्रयास किया जाएगा। सत्र के लिए 31 विधायकों की ओर से कुल 445 सवाल लगाए गए हैं। इन सवालों के जवाब संबंधित मंत्रियों को देने होंगे।
प्रवेश पत्र के नियमों में भी बदलाव
सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने आवश्यक निर्देश दिए हैं। तय किया गया है कि विधानसभा कर्मचारी भी विधिवत जारी वाहन प्रवेश पत्र के बिना अपने वाहन परिसर में नहीं ले जा सकेंगे। विधायकों की संस्तुति पर एक व्यक्ति और मंत्रियों की संस्तुति पर अधिकतम दो लोगों को ही प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे।
वेब प्रसारण से देख सकेंगे सदन की कार्यवाही
विधानसभा सत्र की कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग और वेब प्रसारण सूचना एवं लोक संपर्क विभाग तथा आईटी विकास अभिकरण की ओर से किया जाएगा। इससे प्रदेश की जनता भी सदन की कार्यवाही देख सकेगी। सत्र के दौरान सदन के भीतर विधायकों के सवालों और बाहर प्रस्तावित विधानसभा घेराव के चलते सरकार और प्रशासन की तैयारियों पर नजर रहेगी।

