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शिवपाल की पार्टी PSP का BJP में होगा विलय ! नहीं हुई अखिलेश से सुलह, ये होगा शिवपाल का अगला कदम…

By on April 15, 2022 0 225 Views

लखनऊ: बीजेपी में जाने की अटकलों के बीच प्रसपा प्रमुख शिवपाल सिंह यादव ने अपनी पार्टी की कार्यसमिति को भंग कर दिया है। अखिलेश यादव के साथ खटपट के बीच शिवपाल के बेटे और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आदित्य यादव ने भंग करने के आदेश जारी किए हैं।

सुलह की थी अटकलें-

शिवपाल यादव का यह फैसला तब आया है, जब ये भी अटकलें थीं कि चाचाा-भतीजे में एक बार फिर से सुलह हो सकती है। हालांकि इन खबरों पर न तो शिवपाल और न ही उनकी पार्टी ने कोई प्रतिक्रिया दी है। प्रसपा की कार्यसमिति भंग करने के फैसले को लेकर कहा जा रहा है कि ये शिवपाल यादव के अगले राजनीति कदम से जुड़ा हुआ हो सकता है। क्योंकि कुछ दिन पहले ही शिवपाल यादव ने कहा था कि उचित समय आने पर वो फैसला लेंगे।

भाजपा से नजदीकी

दरअसल चुनाव के रिजल्ट के बाद से ही शिवपाल, भाजपा के नजदीक जाते दिख रहे हैं। भाजपा की ओर से भी उनके लिए स्वागत करने की बात कही जा रही है। ऐसे में प्रसपा की कार्यसमिति को भंग करना, भाजपा में जाने के तौर पर भी देखा जा रहा है। कहा ये भी जा रहा है कि जसवंतनगर सीट शिवपाल अपने लिए छोड़ सकते हैं और खुद भाजपा के सहारे राज्यसभा जा सकते हैं।

विवाद की शुरुआत

अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल के बीच कई वर्षों के विवाद के बाद पिछले चुनाव में दोनों के बीच सुलह हुई थी। दोनों के बीच विवाद 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले शुरू हो गया था, जिसके बाद शिवपाल यादव ने अपनी पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) का गठन कर लिया था। हालांकि चुनाव में उन्हें खास सफलता नहीं मिली थी।

इसके बाद 2022 के चुनाव में शिवपाल की ओर से जब सुलह का संकेत दिया गया तो भतीजे अखिलेश ने भी इस पर पहल करते हुए उन्हें गठबंधन में शामिल कर लिया। हालांकि शिवपाल यादव चुनाव सपा के टिकट पर ही लड़े हैं, यानि कि एक तरह से वो सपा के ही विधायक हैं।

चुनाव के समय की कहानी

चुनाव के समय यादव परिवार के सदस्य सपा छोड़ भाजपा में चले गए थे, लेकिन शिवपाल सपा के साथ ही रहें, लेकिन चुनाव के बाद जब सपा के विधायकों की बैठक में उन्हें नहीं बुलाया गया तो वो नाराज हो गए, हालांकि गठबंधन वाली मीटिंग में उन्हें बुलाया गया था, लेकिन वो नहीं गए। यही नहीं शपथ के बाद वो सीएम योगी से भी जाकर मिल लिए। जिसके बाद से अटकलें हैं कि वो सपा छोड़ भाजपा के साथ जा सकते हैं।