Breaking News
  • Home
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तराखंड: मंत्रिमंडल में फेरबदल और भाजपा की राज्य इकाई में भी जल्द होगा बदलाव !

उत्तराखंड: मंत्रिमंडल में फेरबदल और भाजपा की राज्य इकाई में भी जल्द होगा बदलाव !

By on October 2, 2022 0 125 Views

देहरादून: उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड और भर्ती घोटाले के बाद बीजेपी की काफ़ी किरकिरी हुई है। इंडियन एक्सप्रेस को सूत्रों ने बताया है कि राज्य सरकार और उत्तराखंड बीजेपी में बदलाव होने की पूरी संभावना है। हालांकि मुख्यमंत्री के रूप में पुष्कर सिंह धामी पद पर बने रहेंगे। पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व जल्द ही मुद्दों को हल करना चाहता है और इसे आगे नहीं बढ़ाना चाहता है। भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बीएल संतोष से पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली दौरे के दौरान इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की थी। बीएल संतोष वर्तमान उत्तराखंड में हैं और पार्टी के अलग-अलग गुट के नेताओं से मिलकर उनकी राय ले रहे हैं। पुष्कर धामी के करीबी लोगों का दावा है कि सीएम चाहते हैं कि सरकार और उत्तराखंड भाजपा दोनों से शरारती तत्वों को हटाकर सरकार को एकदम साफ सुथरा किया जाए। वहीं उनके आलोचकों का कहना है कि सीएम इस संकट में अपने करीबी सहयोगियों को प्रमुख पदों पर रखने का अवसर प्राप्त करना चाहते हैं।

सूत्रों ने बताया कि पुष्कर धामी जल्द ही अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल करेंगे और भाजपा की राज्य इकाई में भी बदलाव होंगे। लेकिन पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व महेंद्र भट्ट को बदलने की तैयारी में नहीं है। भट्ट ने जुलाई में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला था। सूत्रों ने बताया कि अपनी दिल्ली यात्रा के दौरान पुष्कर धामी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से नहीं मिल सके थे, लेकिन उन्होंने टेलीफोन पर राज्य के मुद्दों पर चर्चा की थी। सूत्रों ने बताया कि पुष्कर धामी के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, वरिष्ठ नेता धन सिंह रावत और सतपाल महाराज सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी पार्टी के केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की और उत्तराखंड इकाई में वर्तमान स्थिति पर अपना राय दी।

भाजपा के पूर्व मंत्री विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य के स्वामित्व वाले एक रिजॉर्ट में कर्मचारी अंकिता भंडारी की हत्या के मामले में राज्य सरकार की प्रतिक्रिया के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शनों से भाजपा घिर गई है। विपक्षी कांग्रेस द्वारा भी इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया गया। हालांकि बीजेपी ने दोनों को पार्टी से निष्कासित कर दिया है।

सूत्रों ने बताया कि पार्टी के कुछ नेताओं ने इस मामले पर शुरू में राज्य सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाया है कि सरकार ने जनता के विरोध के बाद ही कार्रवाई की। पार्टी पर संकट ऐसे समय में आया है जब वह पहले से ही भर्ती घोटाले से जूझ रही थी, जिसमें कथित तौर पर कुछ भाजपा नेता भी शामिल हैं।