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काशीपुर मंडी समिति में गड़बड़ी और विजिलेंस कार्रवाई के बाद सख्ती, 3 सदस्यीय जांच समिति गठित

By on July 24, 2025 0 95 Views

हल्द्वानी: उत्तराखंड की कृषि मंडियों में भ्रष्टाचार की लगातार शिकायतें सामने आती रहती हैं. दो दिन पहले काशीपुर मंडी समिति में विजिलेंस की कार्रवाई के बाद उत्तराखंड मंडी परिषद अब भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ जांच और कार्रवाई करने जा रहा है. जिसके लिए कमेटी गठित कर ली गई है.

उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड के अध्यक्ष अनिल कपूर डब्बू का कहना है कि मंडी में किसी तरह का भ्रष्टाचार और गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जिस अधिकारी के खिलाफ विजिलेंस ने कार्रवाई की है, उसके उसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. उन्होंने कहा कि धामी सरकार जीरो टॉलरेंस पर काम कर रही है. किसी तरह की लापरवाही और भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि मंडी परिषद का कोई भी कर्मचारी गड़बड़ी या भ्रष्टाचार करता हुआ पाया जाएगा, तो उस खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. काशीपुर मंडी समिति के प्रभारी सचिव को विजिलेंस ने 1.20 लाख रुपए की घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. इस संबंध में जांच के लिए कमेटी बनाई गई है.

तीन सदस्यीय जांच कमेटी को 15 दिन के भीतर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश: तीन सदस्यीय जांच कमेटी इस मामले की जांच करेगी. 15 दिनों के भीतर समिति को अपनी जांच रिपोर्ट पेश करनी होगी. उन्होंने आगे कहा कि जीरो टॉलरेंस नीति पर चलते हुए भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जांच में जिसकी भी भूमिका संदिग्ध पाई जाएगी, उसके खिलाफ भी कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी.

उन्होंने ये भी कहा कि समय-समय पर मंडी परिषद के अधिकारी मंडियों का औचक निरीक्षण करेंगे. जहां लापरवाही या फिर अनियमितता मिलने पर मौके पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. लिहाजा, अब अनियमितता और भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों व कर्मचारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा.

काशीपुर मंडी समिति का अधिकारी रिश्वत लेते हुए था गिरफ्तार: गौर हो कि बीते दिनों काशीपुर कृषि उत्पादन मंडी समिति के प्रभारी सचिव को विजिलेंस की टीम ने फल-सब्जी मंडी समिति की दुकानों के लाइसेंस रिन्यू कराने के नाम पर दो लोगों से ₹‎1.20 लाख रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. बताया जा रहा है कि समिति के प्रभारी सचिव लगभग 7-8 महीने बाद सेवानिवृत्त होने वाले थे.

दो महीने पहले ही उन्होंने ने समिति में प्रभारी सचिव का कार्यभार संभाला था. इससे पहले वो करीब 15-20 साल तक वहीं पर अकाउंटेंट के पद पर कार्य कर चुके हैं. 2 महीने पहले ही उन्हें प्रभारी सचिव बनाया गया था. मंडी में हुए इस गड़बड़ी के बाद अब मंडी परिषद गंभीर नजर आ रहा है.